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Saharanpur: राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर हड़ताल पर, नौ दिन में 150 ऑपरेशन टले, 10 हजार मरीज प्रभावित

Wed, 21 Aug 2024 10:48 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

कोलकाता में डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के विरोध में सरसावा के राजकीय मेडिकल कालेज के डॉक्टर नौ दिन से हड़ताल पर हैं। इस कारण 150 ऑपरेशन टल चुके हैं। 
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हड़ताल पर डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोलकाता की घटना को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। उनकी हड़ताल से नौ दिन में 150 ऑपरेशन टले हैं और 10 हजार मरीज प्रभावित हुए। इलाज नहीं मिलने पर मरीजों को लौटना पड़ा। सबसे ज्यादा असर स्त्री रोग एवं प्रसूति व हड्डी के ऑपरेशनों पर पड़ा है।
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पिलखनी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी और हत्या के विरोध में हड़ताल पर हैं। बुधवार को भी जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल की। ओपीडी और इमरजेंसी सीनियर डॉक्टर के हवाले रही। हड़ताल से मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पटरी से उतर गई है। हालत यह है कि ओपीडी दो हजार से घटकर 800 से 900 तक रह गई है। हड्डी एवं जोड़ रोग, स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग के अलावा पित्त की थैली, हार्निया आदि के रोजाना 10 से 15 ऑपरेशन होते थे, लेकिन हड़ताल के चलते ऑपरेशन की व्यवस्था ध्वस्त हो गई। जूनियर डॉक्टरों के काम नहीं करने से 150 ऑपरेशन टालने पड़े। मरीजों को ऑपरेशन करने के लिए तारीख दी गई। बुधवार को ओपीडी में 1135 मरीजों को इलाज मिला।
 
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सीनियर डॉक्टर देख रहे ओपीडी
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से सारा भार सीनियर डॉक्टरों पर आ गया है। वे ओपीडी में मरीजों को देख रहे हैं। यह सीनियर डॉक्टर विभागों के अध्यक्ष, प्रोफेसर और एमबीबीएस बैच को पढ़ाने वाले हैं। ओपीडी में मरीजों को देखने के कारण सभी सीनियर डॉक्टर एकेडमिक सत्र में नहीं जा पा रहे हैं, जिस कारण एमबीबीएस की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
 

जारी रहेगी हड़ताल
जूनियर रेजिडेंट एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. रविकांत एवं मीडिया कोआर्डिनेटर डॉ. आदर्श सारस्वत ने कहा कि हड़ताल अभी जारी रहेगी। सरकार की ओर से ऐसा कोई ठोस दिशा निर्देश नहीं मिल रहा है, जिससे मृतक पीड़िता के परिवार को न्याय मिलता नजर आ रहा हो।
 
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सीनियर डॉक्टरों से करवाएंगे ऑपरेशन 
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से ऑपरेशन पर भी असर हुआ है। क्योंकि, एक सीनियर डॉक्टर के साथ जूनियर डॉक्टर और दो नर्स होती हैं। नौ दिन में करीब 150 ऑपरेशन टल गए। साथ ही ओपीडी में भी मरीज कम हुए हैं। हमारा प्रयास है कि एक-दो दिन में टीम बनाकर सीनियर डॉक्टर ऑपरेशन करेंगे।
- डॉ. सुधीर राठी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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