Saharanpur News: जापान के आइची प्रांत में चल रहे एशियन गेम्स में सहारनपुर की प्राची चौधरी ने 4 गुणा 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण जीता है। परिजनों ने बताया कि प्राची ने अपनी मां से वादा किया था कि इस बार गोल्ड जीतकर आएगी।
सहारनपुर की बेटी प्राची चौधरी ने जापान में चल रहे एशियाई खेलों में 4 गुणा 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण जीतकर अपनी मां राजेश से किया वादा पूरा कर दिया। तीन साल पहले उसने चीन में रजत पदक जीता था। लौटने पर उसने मां से एक दिन स्वर्ण पदक जीतने का वादा किया था। प्राची के स्वर्ण जीतने से परिजनों और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है।
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तीन साल पहले प्राची ने चीन में हुए खेलों में रजत पदक जीता था। वह अपने प्रदर्शन से खुश थीं, पर संतुष्ट नहीं। घर लौटने पर मां ने उसको तैयारी पर और ध्यान देने की सीख दी थी। साथ ही उसमें जोश भी भरा था। तब प्राची ने मां से वादा किया था कि वह स्वर्ण पदक तो जरूर जीतेगी, भले ही उसके लिए कितनी भी तैयारी क्यों न करनी पड़े।
जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि प्राची ने 4 गुणा 400 मीटर महिला दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर जनपद का नाम दुनिया के फलक पर रोशन किया है। उन्होंने बताया कि प्राची अलग ही तरह की खिलाड़ी हैं। उसका प्रदर्शन और जुनून जनपद ही नहीं, देश के बाकी खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। उन्होंने बताया कि एशियाई खेलों में एथलेटिक्स में अभी तक का यह भारतीय टीम का पहला स्वर्ण पदक है।
पिछले एशियन गेम्स में टीम ने लिया था 3 मिनट 27.85 का समय
चीन के हांगझोऊ में वर्ष 2023 के एशियन गेम्स में प्राची चौधरी ने टीम के साथ 4 गुणा 400 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता था। खास बात है कि टीम ने पिछली बार 3 मिनट 27.85 सेकंड समय लिया था। इसमें उन्हें रजत पर संतोष करना पड़ा था। उस समय प्राची के साथ टीम में विथ्या रामराज, ऐश्वर्या मिश्रा और सुभा वेंकटेशन शामिल थीं।
शाम पांच बजे ही टीवी के सामने बैठ गए थे परिजन
प्राची सहारनपुर के गांव झबीरण की रहने वाली हैं। प्राची का मैच शाम को शुरू होना था। चाचा सचिन ने बताया कि प्राची के मैच को लेकर सुबह से परिजन और ग्रामीण उत्सुक थे। शाम पांच बजते ही परिजन टीवी के सामने बैठ गए। शाम साढ़े पांच बजे जैसे ही इवेंट और प्राची के साथ अन्य साथियों के नामों की घोषणा हुई। वैसे ही परिजनों ने प्रार्थना शुरू कर दी। क्रॉसिंग लाइन को पार करते ही परिजनों की खुशी का ठिकाना न रहा।
रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड से भी नवाजा जा चुका
जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी के पद पर तैनात प्राची ने वर्ष 2018 में हुई प्रदेशीय प्रतियोगिता में 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किया था। 2019 में दोहा कतर के एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने में सफल रहीं। इसी वर्ष चेक गणराज्य में हुई प्रतियोगिता में स्वर्ण और एक रजत पदक हासिल किया। वह वर्ष 2024 में हुए ओलंपिक खेल में भी भाग ले चुकी हैं। वर्तमान में वह जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी के पद पर तैनात हैं। उन्हें जनवरी में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड से भी नवाजा गया है।
जापान से भेजा संदेश, सोचकर गए थे गोल्ड जीतना है
स्वर्ण पदक जीतने के बाद प्राची चौधरी ने अपनी टीम के साथियों के साथ वीडियो संदेश भेजा है। उन्होंने बताया कि इवेंट शुरू होने से पहले ही सभी ने सोच लिया था कि इस बार के एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल करना ही है। यह उनके लिए करो और मरो वाली स्थिति थी। यह उपलिब्ध उन सभी की है।