बताया गया कि बरात के स्वागत की सारी तैयारी पूरी हो चुकी थी। मेहमान आ चुके थे। हलवाई ने खाना तैयार कर दिया था। बरात का इंतजार किया जा रहा था। दोपहर 12 बजे तक भी जब बरात नहीं आई तो दुल्हन के पिता ने दूल्हे के पिता को देरी का कारण पूछा।
आरोप है कि दहेज में दस लाख रुपये की नकदी और कार की मांग की गई। लड़की पक्ष ने दहेज देने में असमर्थता जताई तो लड़के पक्ष ने बरात लाने से मना कर दिया। पीड़ित पिता ने कार्रवाई की मांग की है। उधर लड़के के पिता का कहना है कि उसके बेटे की मानसिक दशा ठीक नहीं है। इसके चलते वह सुबह ही घर से कहीं चला गया।
बताया गया कि देर शाम दूल्हा अपने घर आ गया। उधर, सीओ देवबंद दुर्गा प्रसाद तिवारी का कहना है कि अभी दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास चल रहे हैं। यदि समझौता नहीं होता तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।