दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी। 26 दिसंबर 2015 को कुतुबशेर थाना क्षेत्र में सतपाल छाबड़ा और उनके अधिवक्ता बेटे कर्मवीर छाबड़ा पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। इसमें कर्मवीर को बुरी तरह से चाकू और कृपाण से गोदकर मौत के घाट उतारा गया था, जबकि सतपाल छाबड़ा घायल हो गए थे।
घायल के बयान पर पुलिस ने माधव प्रसाद गली निवासी भूपेंद्र सिंह बत्रा, उसके बेटे गुरु प्रताप, भाई अमरजीत सिंह, भतीजे गुरनीत उर्फ सन्नी और किशनपुरा नाला पटरी निवासी गुरमीत सिंह उर्फ राजू के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 302, 307, 341, 504 में केस दर्ज किया था। सभी आरोपी कई साल से हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहे थे।
मंगलवार को अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया था, जिसके बाद पुलिस ने पांचों दोषियों को अदालत से ही गिरफ्तार कर लिया था। दोषियों पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।