मंगलवार शाम करीब चार बजे फैक्टरी में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। देखते ही देखते गैस फैक्टरी के कार्यस्थल में फैल गई। वहां पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सभी बाहर निकलने लगे। इस दौरान 14 महिला श्रमिक गैस की चपेट में आ गईं। गैस का असर होने से कई महिलाओं को सांस लेने में परेशानी हुई, चक्कर आने लगे और कुछ महिलाएं बेहोश हो गईं।
घटना से फैक्टरी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस मौके पर पहुंची और सभी प्रभावित महिला मजदूरों को तत्काल निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएम और एसएसपी के साथ ही एसपी सिटी नगर व्योम बिंदल, एसडीएम सदर सुबोध कुमार तथा अग्निशमन विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे।
अधिकारियों ने चिकित्सकों से महिलाओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद अधिकारियों ने फैक्टरी में पहुंचकर गैस रिसाव के कारणों की जांच कराने के आदेश दिए। बता दें कि पूर्व सांसद की फैक्टरी का कामकाज उनके भाई तस्लीम कुरैशी देखते हैं।
इन महिलाओं की हालत बिगड़ी
हालत बिगड़ने वालों में अमरीन, रुखसार, शकीला, सरवीन, मिस्बा, नाजरीन, फमीना, शहरीन, नजमा, गुलशन, निशा, शकीबा, सरिमन और गुलशाना शामिल हैं।
डीएम ने ये कहा
प्राथमिक जांच में गैस रिसाव की जानकारी सामने आई है। अग्निशमन और प्रदूषण विभाग समेत अन्य तकनीकी टीम को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद कुमार चौहान, डीएम
ये भी देखें...
UP: मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह, राज्यपाल का बड़ा संदेश, डिग्री अंत नहीं नई शिक्षा की शुरुआत