इसकी बड़ी वजह मृतकों को भर्ती कराते समय उनका सही पता नहीं लिखवाना है, साथ ही जो मोबाइल नंबर लिखाए गए थे वे भी या तो गलत हैं या बंद चल रहे हैं। इसके चलते दैवीय आपदा विभाग के कर्मचारी उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। शासन से आई सूची के अतिरिक्त भी जनपद के 351 मृतकों के परिजनों को सहायता राशि दी जा चुकी है, जबकि करीब आठ मृतकों के परिजनों ने सहायता राशि लेने से मना कर दिया है। शेष को सहायता राशि देने की प्रक्रिया चल रही है।
कोरोना से मरे 702 लोगों के परिजनों को अब तक 3.51 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। 31 मृतकों के आश्रितों से अब तक संपर्क नहीं हो सका है। इनमें उनका पता गलत या स्पष्ट नहीं है। इनके मोबाइल नंबर भी गलत हैं या बंद हैं। इनसे संपर्क करने का प्रयास जारी है। - रजनीश मिश्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व।
इनके परिजनों से नहीं हो पा रहा संपर्क
जिले में कोविड संक्रमण से जाना गंवाने वाले 31 मृतकों के परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें लईक, अफजाल खान, राजपाल, शहजाद बेगम, अब्दुल करीम, सुरेश चंद, लाधा लुहार, रामेश्वर, पवन कुमार, फुल्लो, रूपा मंडल, चन्द्रपाल, खातून, प्रमोद सैनी, अरुण कुमार माथुर, नीलम, राजकुमार, सुभाष वती, तय्यब अहमद, रामपाल सिंह, संगीता, धर्म सिंह, रामकुमार, अजब सिंह, मेहर सिंह, शमीम, कालूराम, अशोक कुमार, सौरण सिंह शामिल हैं।