यमुना नदी में खतरे के निशान वाला रेलवे लाइन का पिलर। संवाद
चिलकाना/नकुड़/मिर्जापुर/बेहट। शिवालिक पहाड़ियों पर हो रही बारिश से नदियों में उफान होने पर इनका पानी का आफत बना है। चिलकाना, नकुड़, मिर्जापुर और बेहट क्षेत्र के कई सड़क मार्ग पानी ने ध्वस्त कर दिए हैं।
चिलकाना में मसखरा नदी की बाढ़ का पानी खादर क्षेत्र में आने से गंदेवड़ जाने वाली मुख्य सड़क में कटाव शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे गांव फिरोजाबाद निवासी सलमान ईंटों से भरी ट्राॅली लेकर पठेड़ जा रहा था। सड़क में हो रहे कटाव के कारण ट्रॉली कटाव के स्थान पर फंस गई। लोगों ने ट्रॉली से ईंटें निकालकर बड़ी मुश्किल से ट्रैक्टर-ट्राॅली को बाहर निकाला। करीब 30 गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।
हरियाणा, सरसावा, नकुड़, गंगोह की तरफ से विकासनगर, शाकंभरी देवी, पांवटा साहिब आदि स्थानों पर आने जाने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नकुड़ की बूढ़ी नदी में ज्यादा पानी आने से गांव गोकलपुर के पास बनाए गए पुल के नजदीक पानी के कारण सड़क में कटाव आया है। मिर्जापुर के गांव खुवासपुर में सड़क मार्ग बहने से गांव में आने जाने का कोई रास्ता नहीं बचा है। बेहट के गांव अब्दुल्लापुर को शाकंभरी देवी रोड से जोड़ने वाले तीन किमी लंबे संपर्क सड़क मार्ग पर बरसात के पानी के तेज बहाव से हुए कटाव से पुलिया और सड़क ध्वस्त हुई है। सरसावा क्षेत्र में बह रही यमुना नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है।