खानकाह चौकी क्षेत्र में शुक्रवार की रात संदिग्ध रुप से घूम रहे एक व्यक्ति पुलिस कर्मियों ने रोक लिया। पड़ोस में ही जब उसका सत्यापन करने के लिए पुलिस कर्मी पहुंचे तो वह छत से कूदकर भागने लगा। इसी दौरान छत गिरकर गंभीर रुप से घायल हो गया। मेरठ में उपचार दौरान उसकी मौत हो गई। उसकी शिनाख्त नहीं हुई है।
शुक्रवार की देर रात करीब पौने तीन बजे खानकाह पुलिस चौकी के सिपाही राशिद और मुजम्मिल दारुल उलूम वक्फ मार्ग पर गश्त कर रहे थे। जब वह इस्लामिया डिग्री कॉलेज के गेट पर पहुंचे तो एक व्यक्ति संदिग्ध रुप से खड़ा मिला। पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह सामने वाले मकान में किराये पर रहता है।
इसकी पुष्टि करने के लिए पुलिसकर्मियों ने मकान मालिक लताफत अली को जगाया। वह उससे बात ही कर रहे थे कि संदिग्ध व्यक्ति भागकर छत पर चढ़ गया और मकान की छत पर रखी ईंटों में उलझकर सड़क पर गिरकर गंभीर रुप से घायल हो गया।
तुरंत ही पुलिसकर्मियों ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों ने नाजुक हालत में उसे वहां से भी मेरठ के लिए रेफर कर दिया। सवेरे उपचार दौरान उसकी मौत हो गई। चौकी प्रभारी नासिर हुसैन ने बताया कि लताफत अली ने पूछताछ में संदिग्ध व्यक्ति से जान पहचान होने से इंकार किया है।
व्यक्ति की तलाशी लेने पर उसकी जेब से केवल बीड़ी का बंडल और एक माचिस ही मिली। पहचान संबंधी कोई दस्तावेज उसके पास नहीं था। उम्र करीब 35 वर्ष और वह सफेद कुर्ता पाजामा पहने था। सोशल मीडिया पर भी पुलिस ने उसकी फोटो डालकर शिनाख्त के प्रयास कराए। लेकिन अभी तक किसी ने भी उसकी पहचान नहीं की है।
पुलिस के सामने खड़े किए कई सवाल
रात के पौने तीन बजे सुनसान इलाके में खड़ा व्यक्ति कौन था और उसका मकसद क्या था? यह राज उसकी मौत के साथ भले ही दफन हो गया। मगर पुलिस के लिए इसकी जांच करना बेहद जरुरी है। क्योंकि डेढ़ माह पूर्व ही देवबंद से आतंकी गतिविधियों में एक युवक को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से ताल्लुक रखने के आरोप में अप्रैल माह में दिल्ली पुलिस ने मोहल्ला अब्दुलहक (टपरी) से शाकिर नामक युवक को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से लगातार खुफिया एजेंसियों के अधिकारी और पुलिस संदिग्धों पर पैनी नजर रखे हुए है।
शुक्रवार की रात दारुल उलूम वक्फ मार्ग पर पुलिस पूछताछ के दौरान एक व्यक्ति का छत से कूद जाना हैरान करने वाला है। यह बेहद नाजुक मामला है। पुलिस को इस मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।