सहारनपुर। रजिस्ट्री में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए आधार सत्यापन लागू किया गया है। कई बार अंगूठा स्कैन न होने के चलते रजिस्ट्री कराने में परेशानी होती है। इन सब परेशानी को देखते हुए जिले के सभी निबंधन कार्यालयों में आइरिस स्कैन मशीन दी गई है। अब रजिस्ट्री आदि कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
जिले में कुल सात निबंधन कार्यालय है। इनमें तीन सदर तहसील और चार अन्य तहसीलों में हैं। इन कार्यालयों में औसतन हर दिन 2450 बैनामे होते हैं। आधार सत्यापित रजिस्ट्री होने से एक ओर जहां फर्जीवाड़े पर अंकुश लग सकेगा। वहीं इसने कई लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ज्यादातर बुजुर्ग क्रेता-विक्रेताओं को संपत्ति खरीदने और बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार की कोशिशों के बाद भी उनका अंगूठा स्कैन नहीं हो पाता। ऐसे में उन्हें बैनामे के लिए दूसरी तिथि लेनी पड़ती है। साथ ही अपना आधार बॉयोमेट्रिक भी फिर से अपडेट कराना पड़ता है।
इसमें समय तो लगता ही है, परेशानी भी होती है। इन सभी को देखते हुए निबंधन विभाग ने सभी सातों कार्यालयों में एक-एक आइरिस स्कैन मशीन दी है। मशीन के जरिए जिन लोगों के अंगूठा स्कैन करने में परेशानी होती है। उनकी आंखों का रेटिना स्कैन किया जा रहा है। इससे बिना किसी झंझट के तेजी से बैनामे समेत अन्य कार्य हो पा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी कलक्ट्रेट स्थित दोनों निबंधन कार्यालय में करीब 11 रजिस्ट्रियां आइरिस स्कैन के जरिये की गई।