सहारनपुर। विद्युत निगम की ओर से जिले में एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं का रेटिंग रिकार्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए ऐसे उपभोक्ताओं का डाटा जुटाया जा रहा है जो बिल भुगतान करने में बेहतर या फिर फिसड्डी हैं। इस रेटिंग के अनुरूप ही आगे बिजली आपूर्ति को कम या ज्यादा किया जा सकेगा। इसके साथ ही लाइनलॉस कम कर राजस्व बढ़ाने की कवायद भी शुरू की गई है। ऊर्जा मंत्री की ओर से विद्युत उपकेंद्रों की समीक्षा के बाद राजस्व बढ़ाने के लिए निगम के अफसरों को निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद ही यह तैयारी की जा रही है।
निगम के प्लान के तहत आने वाले कुछ महीनों में लाइनलॉस कम कर ऐसे क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को और बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा जिन क्षेत्रों के उपभोक्ता नियमित रूप से बिल भुगतान में पूरा सहयोग दे रहे हैं। वहां बिजली आपूर्ति सुधार के लिए ओवरलोड कम करने और ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार हो सकेगा।
इसी सप्ताह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ऊर्जा मंत्री ने निगम के अफसरों को ज्यादा बिल भुगतान और ज्यादा बिजली आपूर्ति का फार्मूला दिया था। ऐसे में निगम को अब दोनों ही चुनौती पूरी करनी है। एक अधिक से अधिक बकाया बिल भुगतान की और दूसरी राजस्व वसूली में बढ़ोतरी के बाद बिजली आपूर्ति में सुधार की। इन दोनों कार्यों के लिए अवर अभियंताओं की सबसे अधिक टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में उतारी गई हैं।
नहीं रुक रहे ट्रांसफार्मर जलने के हादसे
सहारनपुर। विद्युत निगम राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए तो नए-नए प्लान तैयार कर रहा है, मगर ओवरलोड और तकनीकी खामियों के कारण ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं अब तक कम नहीं हो पाई हैं। शहर में ही एक माह में सात ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की हालत तो इससे भी चिंताजनक है। इसलिए उपभोक्ताओं की रेटिंग तय करने से पहले निगम को अपने स्तर पर व्यवस्था में सुधार करने होंगे।
विशेष अभियान से मिलेगा काफी लाभ
विद्युत निगम के नगरीय अधीक्षण अभियंता पंकज श्रीवास्तव कहते हैं कि राजस्व बढ़ाने और आपूर्ति में सुधार के प्लान के तहत ही हाल ही में विशेष वसूली अभियान चलाया गया। इसका काफी लाभ मिला है। आगे भी राजस्व वसूली के साथ ही बिजली आपूर्ति की सेवा में और सुधार के प्रयास जारी हैं।