अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर हर सनातनी गौरवान्वित है। इसके लिए कई साधु-संतों ने वर्षों से मौन व्रत रखकर तपस्या की तो कइयों ने अपने प्राणों की आहुति दी। मंदिर निर्माण और मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा पर कोई अपना मौन व्रत खोलेगा तो कोई प्रभु श्रीराम का जयघोष करेगा। धर्म गुरु बोले कि यह दिन भारत और दुनिया भर के लिए ऐतिहासिक है।
500 साल के संघर्ष के बाद यह शुभ दिन आया है। अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। बड़े ही हर्षोउल्लास का समय है। पूरे देश में राममय वातावरण हो रहा है। सभी कार्य शास्त्रोक्त विधि से कराए जाए, प्रत्येक व्यक्ति अपने घर में दीप प्रज्ज्वलित कर खुशियां मनाएं। - भैरवतंत्राचार्य सहजानंद महाराज, अखिल भारतीय संत संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं शंकराचार्य आश्रम प्रभारी
यह प्राण प्रतिष्ठा 100 करोड़ सनातनी हिंदुओं की आस्था और भारत की सांस्कृतिक चेतना और भारत में राष्ट्रवाद के जनजागरण की है, जब प्राण प्रतिष्ठा होगी तो खुशी में हर सनातनी की आंखें नम होंगी। कोई मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा होने पर कई वर्षों बाद मौन व्रत खोलेगा तो कोई जय श्रीराम बोलेगा। - दीपांकर महाराज, आध्यात्मिक गुरु
कण-कण में भगवान श्रीराम बसते हैं। 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद यह पल आया है। भगवान श्रीराम हर सनातनी की आस्था केंद्र हैं और हर किसी के मन बसते हैं। हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। - आचार्य रोहित वशिष्ठ, अधिष्ठाता श्री बगलामुखी मंदिर ब्रह्मपुरी कॉलोनी