सहारनपुर के देवबंद में रेलवे रोड के किराना व्यापारी पंकज सिंघल ने सैकड़ों वर्ष पुराने श्रीराम दरबार के टोकन संजोकर रखे हुए हैं। पीतल के ये टोकन उन्हें विरासत में मिले हैं।
विज्ञापन
यह टोकन अयोध्या में भव्य, नव्य व दिव्य श्रीराम मंदिर के अस्तित्व को भी पुख्ता करते हैं। टोकन के एक तरफ श्रीराम भगवान, माता जानकी सीता के साथ विराजमान हैं। उनके पास में लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न खड़े हैं, साथ ही हनुमान जी भक्तिभाव के साथ विराजमान हैं। टोकन के दूसरी तरफ श्रीराम और लक्ष्मण हाथों में त्रिशूल धारण किए हुए हैं। उनके कंधों पर धनुष टंगे हैं। टोकन पर 557 व साइड में 40 अंकित है।
व्यापारी पंकज सिंघल के 85 वर्षीय पिता गजेंद्र सिंघल ने बताया कि पहले अयोध्या धाम की यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को श्रीराम दरबार का टोकन मिलता था। इसे श्रीराम टका भी कहा जाता है। 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाली भगवान श्रीराम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर उनका कहना है कि इस शुभ दिन का उन्हें भी बरसों से इंतजार था। आखिर यह शुभ घड़ी आ ही गई है। इसलिए लोगों को 22 जनवरी का दिन दीपावली की तरह हर्षोल्लास से मनाना चाहिए।