क्यूआर कोड से छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई करना हुआ आसान
सहारनपुर। क्यूआर कोड से सरकारी स्कूलों की शिक्षा पद्घति सरल और रुचिकर हो गई है। इस कोड की वजह से सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था अब कॉन्वेंट स्कूलों से कदमताल कर रही है। ऑनलाइन पढ़ाई भी आसान हो गई है। दरअसल, एनसीईआरटी ने कक्षा एक से 12वीं तक की विषयों की किताबों पर क्यूआर कोड अंकित किया है। यह कोड प्रत्येक विषय की किताबों के प्रत्येक पाठ पर अलग-अलग है। शिक्षक अटल बहादुर सिंह बताते हैं कि क्यूआर कोड आने के बाद शिक्षकों से अधिक बच्चों के लिए पठन आसान हो गया है। वह चीजों को ज्यादा बेहतर तरीके से समझ पा रहे हैं। साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई में रुचि ले रहे हैं।
ऐसे करें ऑनलाइन पढ़ाई
एनसीईआरटी की किताबों को ऑनलाइन पढ़ने के लिए आपको अपने स्मार्ट फोन पर दिक्षा एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद इस क्यूआर कोड को स्केन कर उस पाठ का वीडियो लेक्चर यू-ट्यूब पर डालेंगे। कंटेंट होगा तो उससे संबंधित वेबसाइट का लिंक आ जाएगा। पाठ्य पुस्तक के अध्यायों के साथ अतिरिक्त सामग्री लैपटॉप या डिजिटल बोर्ड पर भी पढ़ सकते हैं।
मॉडल स्कूलों को सबसे अधिक लाभ
जनपद में 250 से अधिक परिषदीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम के बनाए गए हैं। इनमें 100 विद्यालयों को मॉडल स्कूल बनाया गया है, जिनमें प्रोजेक्टर की व्यवस्था की गई है। एनसीईआरटी की क्यूआर कोड वाली किताबों का सबसे अधिक लाभ इन्हीं स्कूलों को होगा, जहां छात्र प्रोजेक्टर को मोबाइल से कनेक्ट कर ऑनलाइन पढ़ाई का सबसे अधिक लाभ होगा। उधर, जनपद में दस राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में भी स्मार्ट कक्षाएं बनाई गई हैं, जिनमें टच स्क्रीन प्रोजेक्टर लगे हैं। भविष्य में स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर के 20 विद्यालयों में 22 स्मार्ट क्लास बनाने की योजना है।
एनसीईआरटी की कक्षा एक से 12वीं तक की सामग्री किताबों के साथ ही ऑनलाइन भी है। एनसीईआरटी की किताबों के प्रत्येक लेसन पर क्यूआर कोड दिया गया है, जिसे स्केन कर वीडियो या ऑडियो के जरिए उक्त किताब और लेसन की जानकारी मोबाइल पर सुनी और देखी जा सकती है।
रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।