सहारनपुर। बायोडीजल के नाम पर बड़गांव क्षेत्र में चल रहे अवैध पंप के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। पता चला है कि अवैध पंप संचालन के तार मुजफ्फरनगर से जुड़े हैं। पंच संचालक का नाम पता मालूम करने के साथ ही एसडीएम रामपुर मनिहारान की तरफ से नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
बड़गांव क्षेत्र में बेहड़ा तिराहे पर अवैध रूप से डीजल और पेट्रोल बेचा जा रहा था। मुजफ्फरनगर जिले में बायोडीजल पंप पर आग लगने से दो लोगों की मौत होने पर अमर उजाला टीम ने सहारनपुर जनपद में पड़ताल की। तब बड़गांव क्षेत्र में बायोडीजल पंप के नाम पर तेल का खेल उजागर हुआ। खबर प्रकाशित होने के अगले ही दिन पंप बंद कर दिया गया।
उधर, प्रशासन ने इस मामले पर जांच बैठा दी है। जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक से जांच कराई जा रही है, साथ ही एसडीएम रामपुर मनिहारान की तरफ से पंप संचालक को नोटिस भेजने की तैयारी भी चल रही है। एसडीएम रामपुर मनिहारान देवेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि पंप संचालक का नाम पता मालूम कर नोटिस भिजवाया जा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी सतीश कुमार मिश्र का कहना है कि पूर्ति निरीक्षक से मामले की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जमीन किराए पर लेकर चल रहा था पंप
सूत्रों से पता चला है कि पंप संचालन करने वाला मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। उसने बड़गांव क्षेत्र में बेहड़ा तिराहे के पास जमीन किराए पर लेकर पंप लगाया था। एक किसान से जमीन किराए पर ली गई थी।
अहम सवाल, कहां से आ रहा था तेल
सहारनपुर। बायोडीजल के नाम पर पंप से डीजल और पेट्रोल भी बेचा जा रहा था। सहारनपुर और आसपास के जनपद में कहीं पर भी बायोडीजल का उत्पादन नहीं है। अहम सवाल है कि जब बायोडीजल का उत्पादन ही नहीं है तो पंप संचालक को डीजल की आपूर्ति कहां से हो रही थी। सूत्रों की मानें, तो इसमें भी बड़ा खेल होता था। प्रशासन गंभीरता से जांच कराए तो इस पूरे खेल का खुलासा हो सकता है कि तेल कहां से आता था और किस तरह का डीजल बेचा जा रहा था। कहीं मिलावटी डीजल की बिक्री तो नहीं की जा रही थी।