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माहौल खराब करने की कोशिश की तो नहीं छोड़ेगी पुलिस: एसएसपी

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अयोध्या मामले को लेकर मदरसा मजाहिर उलूम में आयोजित बैठक के दौरान एसएसपी दिनेश कुमार और मुस्लिम स? - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। एसएसपी दिनेश कुमार ने कहा कि अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है। न्यायालय का फैसले का सब सम्मान करें। अगर किसी ने माहौल खराब करने की कोशिश की तो पुलिस उसे नहीं छोड़ेगी। असामाजिक तत्वों और सोशल मीडिया पर पुलिस की नजर रहेगी।
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बुधवार को अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित बैठक में विश्व हिंदू परिषद, हिंदू युवा वाहिनी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, शिवसेना, दुर्गा वाहिनी सहित अनेक हिंदू संगठनों के लोग शामिल हुए। एसएसपी ने सभी से न्यायालय के फैसले का अनुपालन करते हुए धैर्य और संयम बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि झगड़ा-फसाद हमें कई वर्ष पीछे धकेल देता है। एक तरफ प्रधानमंत्री देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में लगे हैं। ऐसे में अगर जरा सी भी चूक होती है तो देशहित में चल रहे अनेक कार्यों पर पानी फिर जाएगा। आपसी सौहार्द बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। आचार्य कमल किशोर ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि जो भी होगा सत्य के पक्ष में होगा। इसलिए आपसी सौहार्द को कतई खराब नहीं होने दिया जाएगा। भगवान श्रीराम मर्यादा के अवतार हैं। उनकी सुंदरता मर्यादा के कारण ही है और हमें मर्यादा में रहना है। समाज में कुछ असामाजिक तत्व होते हैं, जो माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसे लोगों को उनके मंसूबे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। जयपाल सिंह, कृष्ण कुमार ने पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस दौरान रमेश चंद शर्मा, आदर्शवीर सिंह, मधुर गर्ग, योगेंद्र सिंह राणा, संजय वर्मा, सुभाष कक्कड़, कपिल मोहड़ा, प्रवेंद्र बंसल, राजीव ठकराल, मनोज ठाकुर सचिन मित्तल, रवि पुंडीर मौजूद रहे।
उधर, मदरसा मजाहिर उलूम जदीद स्थित जकरिया मंजिल सभागार में आयोजित बैठक में एसएसपी दिनेश कुमार ने कि हमारी विविधता ही हमारी पहचान और ताकत है। आजादी के इतने वर्षों बाद भी हमारा देश अनेकता में भी एकता के साथ मजबूती से आगे बढ़ रहा है। हमें छोटे-छोटे मतभेद भुलाकर इसी तरह आगे बढ़ना है। मुफ्ती स्वालेह ने कहा कि इस्लाम अमन का मजहब है। इस्लाम में सभी धर्म के लोगों का सम्मान करना सिखाया गया है। अदालत के फैसले का सम्मान करना सबका कर्तव्य है। कोई भी फैसला हो, वह हमारे हित में ही होता है। अल्लाह जो करता है, जिसके लिए करता है, वह सही करता है। इसलिए हमको अल्लाह के फैसले को स्वीकार करना चाहिए। सभी मुस्लिम भाई अदालत के फैसले का सम्मान करें। सभी मुस्लिम विद्वानों ने मुफ्ती स्वालेह का समर्थन किया। इस दौरान मौलाना अख्तर, मौलाना अथर हक्कानी, मौलाना अजीज उल्ला, शाह महमूद, मौलाना फरीद, चौधरी, मुजफ्फर हुसैन, हाजी शाहिद जुबैरी, खालिद नदवी, मुफ्ती अहमद, आसिफ, शब्बीर अहमद, सालिम कासिफी शाहनवाज मौजूद रहे।
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