प्रधान संगठन पदाधिकारियों को समझाते एएसपी मनोज कुमार। संवाद
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गागलहेड़ी। हाईकोर्ट से बहाल होने पर भी ग्राम पंचायत का चार्ज न मिलने से क्षुब्ध ग्राम प्रधान ने आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इस पर पुलिस ने ग्राम प्रधान को हिरासत में ले लिया। इसके विरोध में प्रधान संगठन के अध्यक्ष ने साथियों सहित थाने पहुंच कर धरना दिया। देर शाम तक धरना जारी रहा।
बता दें कि थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत फिराहेड़ी में अनियमितता पाए जाने पर ग्राम प्रधान जीशान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए थे। इसके विरोध में ग्राम प्रधान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ग्राम प्रधान को हाईकोर्ट ने राहत देते हुए डीपीआरओ को ग्राम प्रधान के अधिकार बहाल करने के आदेश दिए थे। आरोप है कि एक माह बीतने के बाद भी ग्राम प्रधान जीशान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार बहाल नहीं किए गए। इससे क्षुब्ध होकर ग्राम प्रधान ने शनिवार को आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इस पर थाना पुलिस ग्राम प्रधान जीशान को शनिवार सुबह बेरीतगा गांव से हिरासत में लेकर थाने ले आई।
पुलिस के ग्राम प्रधान को हिरासत में लेने की सूचना पर ग्रामीणों सहित ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष संजय वालिया अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे, जहां वे पुलिस कार्रवाई के खिलाफ धरने पर बैठ गए। हालांकि पुलिस हिरासत में लेने से इंकार करती रही। धरनारत प्रधानों के बीच पहुंचे एएसपी मनोज कुमार ने भी उन्हें बताया कि ग्राम प्रधान को पुलिस हिरासत में रखने का आरोप गलत है, लेकिन प्रधानों ने उनकी बात नहीं मानी। देर शाम तक प्रधान धरने पर बैठे थे। उधर, एएसपी मनोज कुमार ने बताया कि प्रधानों को चाहिए वह चार्ज के लिए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी बात को रखें। पुलिस पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।