जिला अस्पताल स्थित एटीएफ वार्ड का टूटा दरवाजा
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सहारनपुर। एटीएफ (एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी) सेंटर में ड्यूटी करने वाले चिकित्सकों और स्टाफ को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां भर्ती किए गए स्मैक, गांजा, चरस और अफीम के नशे के आदी मरीजों में से कई मरीज उत्पात मचा रहे हैं, जो वार्ड के मुख्य दरवाजे की कुंडी के साथ ही शौचालय का दरवाजा तोड़ चुके हैं। इसके अलावा वार्ड ब्वाय के साथ बदसलूकी करते हुए गला भी पकड़ चुके हैं।
मंडलायुक्त लोकेश एम की पहल पर एम्स दिल्ली के द्वारा एसबीडी जिला अस्पताल में एटीएफ सेंटर स्थापित किया गया है। यहां नशे की लत के शिकार लोगों की काउंसिलिंग से लेकर पूर्ण इलाज किया जाता है। एटीएफ वार्ड, बर्न वार्ड की बिल्डिंग में चल रहा है, जो दस बेड का है। 17 अप्रैल 2022 को यहां छह मरीजों को भर्ती कराया था। वर्तमान में यहां आठ मरीज भर्ती हैं, जिनमें से कई मरीज तो शांतिपूर्ण ढंग से रह रहे हैं, जबकि कुछ मरीज ऐसे हैं, जो भर्ती होने के दिन से परेशान हैं, क्योंकि उनको नशे का सामग्री नहीं मिल रही है। ऐसे में वह आपा खो रहे हैं। उनके उत्पात को देखते हुए वार्ड का दरवाजा बाहर से बंद रखा जाता है। दो दिन पहले वह अंदर से दरवाजे में झटका मारकर दरवाजे की कुंडी तोड़ चुके हैं। ऐसे में स्टाफ ने दरवाजा बंद रखने के लिए उसमें चेन डाली हुई है। वार्ड के भीतर ही अलग से शौचालय है, जिसका दरवाजा भी तोड़ा गया है। वार्ड ब्वॉय महेंद्र के साथ हाथापाई करते हुए गला पकड़ चुके हैं। इसके बावजूद चिकित्सक और स्टाफ धैर्य के साथ अपने काम को अंजाम दे रहे हैं। हालांकि प्रमुख अधीक्षक से शिकायत कर दी गई है।
-----एटीएफ सेंटर अच्छा कार्य कर रहा है। मंडलायुक्त समय समय पर आकर यहां की व्यवस्थाएं देखते रहे हैं। वर्तमान में कई मरीज यहां भर्ती हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है। कुछ मरीजों द्वारा हंगामा और बदसलूकी करने की शिकायत मिली है, लेकिन हमारा काम उनका इलाज करना है। चिकित्सक और स्टाफ तमाम परेशानी के बावजूद अपनी ड्यूटी को पूरी निष्ठा के साथ कर रहा है।
डॉ. रमेश चंद्रा, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल।
जिला अस्पताल स्थित एटीएफ वार्ड पर लगा ताला- फोटो : SAHARANPUR