सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में ओपीडी पंजीकरण से लेकर वार्डों में भर्ती मरीजों का ब्योरा ऑनलाइन होगा। इसके लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को अपग्रेड किया जा रहा है। नई व्यवस्था से न सिर्फ मरीजों को सहूलियत मिलेगी, बल्कि अधिकारी भी आसानी से अस्पताल की मॉनीटरिंग कर सकेंगे।
एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड का है। प्रतिदिन ओपीडी में एक हजार से अधिक मरीज आते हैं। शासन ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के दायरे को बढ़ा दिया है। इसके तहत अब चिकित्सक के परामर्श को कंप्यूटर पर ऑपरेटर द्वारा लिखा जाएगा। पेपरलेस उपचार के लिए यह नई शुरुआत की गई है। उपचार के लिए मरीज को पुराना पर्चा सहित अन्य कागजात साथ रखने से निजात मिलेगी। जनपद से हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्जुन सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके चौधरी और अस्पताल मैनेजर विक्रांत तिवारी को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जो वापस लौट आए।
मरीजों को अब उपचार करने के लिए अस्पतालों की लंबी कतार और ऑफलाइन पद्धति से दस्तावेजों को जमा करने और दवा लेने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। आयुष्मान भारत रजिस्ट्रेशन इंडिया के तहत ऐसे लाभार्थियों को आभा एप के माध्यम से आभा आईडी बनाकर आभा एड्रेस जारी किया जाएगा। इस पर मरीज का एचपीआरए रिकार्ड यानी पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। मरीज के अस्पताल में आते ही ऑनलाइन टोकन जारी होगा। उसी टोकन के आधार पर मरीज को संबंधित अस्पताल में उपचार मिलेगा। नई व्यवस्था के लिए अस्पताल में कंप्यूटर और अन्य संसाधनों करनी होगी।
-
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके तहत मरीज का ऑनलाइन पर्ची पर ही दवा लिखी जाएगी। आभा एप पर मरीज भी ऑनलाइन अपने उपचार का पूरा विवरण एक क्लिक पर देख सकेंगे। इसके लिए चिकित्सक व मैनेजर प्रशिक्षण लेकर लौट आए।
- डॉ. सुधा कुमारी, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल