सहारनपुर। नगर निकायों में गृहकर, जलकर और सीवर कर से जुड़े 2.13 लाख भवन स्वामियों के लिए राहत की खबर है। वसूली बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने ओटीएस (एकमुश्त समाधान योजना) लागू की है।
जीआईएस सर्वे में महानगर में 2.13 लाख संपत्तियां टैक्स के दायरे में आईं हैं। इनमें 1.42 लाख आवासीय, 38 हजार व्यावसायिक और शेष अन्य संपत्तियां शामिल हैं। बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियां हैं, जो नियमित रूप से टैक्स जमा नहीं करा रही हैं। इसी कारण नगर निगम सहारनपुर 12.5 फीसदी की अतिरिक्त वसूली में भी पिछड़ा है। प्रदेश के अन्य कई नगर निगमों में भी वसूली की यही स्थिति है। वसूली को बढ़ाने के मकसद से प्रदेश शासन ने एकमुश्त समाधान योजना लागू की है। योजना के तहत ब्याज या सरचार्ज की धनराशि पर शत प्रतिशत छूट मान्य होगी। उधर, महापौर डॉ. अजय कुमार ने बताया कि सरचार्ज की धनराशि पर छूट तभी मिलेगी, जब बकायेदार द्वारा पूरी धनराशि का एक साथ भुगतान किया जाएगा।
यह होंगे पात्र
एकमुश्त समाधान योजना नगर निकायों की सीमा के तहत सभी प्रकार की संपत्तियों, जिसमें आवासीय, व्यावसायिक, मिश्रित शामिल हैं सभी पर लागू की गई है। योजना का लाभ एक अप्रैल 2026 तक के लंबित बकाये पर दिया जा रहा है। योजना की अवधि चार महीने रहेगी, जो 15 अगस्त 2025 से 15 दिसंबर 2026 तक रहेगी। 15 अगस्त से 14 सितंबर 2026 तक की अवधि में नगरीय निकायों द्वारा इसका प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
किस्तों में कर सकेंगे भुगतान
बकाया टैक्स के भुगतान के लिए अधिकतम तीन किस्त की सुविधा दी जाएगी। यदि एकमुश्त समाधान योजना में संपत्ति कर की बकाया धनराशि एक लाख रुपये है तो इस धनराशि का 1/3 भाग, योजना लागू होने की तिथि से 30 दिन में और अवशेष 2/3 भाग दो मासिक किस्तों में दो महीने में करना होगा।
ऐसे करेंगे आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से आवेदन किए जाएंगे। आवेदन संबंधित निकाय की अधिकृत वेबसाइट या योजना के लिए विकसित पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा।