काष्ठ कला उद्यमियों की प्रोत्साहन राशि कम करने का विरोध
सहारनपुर। रोडटेप योजना (निर्यात किए उत्पादों पर शुल्क एवं कर छूट) की दरों को लेकर वुड कार्विंग कारोबारी और निर्यातकों में नाराजगी है। उन्होंने बृहस्पतिवार को इस बारे में बसपा सांसद हाजी फजलुर्रहमान को ज्ञापन सौंपा। सांसद ने कहा कि प्रोत्साहन राशि की दर कम करना अनुचित है।
सहारनपुर वुड कार्विंग मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने बसपा सांसद से मुलाकात कर बताया कि सहारनपुर का वुड कार्विंग उद्योग विश्वविख्यात है, जिससे एक लाख से ज्यादा लोग जुड़े हैं। अनेक देशों में वुड कार्विंग उत्पादों का निर्यात होता है। एसोसिएशन के अध्यक्ष इरफानुल हक़ और महासचिव औसाफ गुड्डू ने बताया कि पूर्व में चल रही भारत से वस्तु निर्यात योजना (एमईआईएस) के अंतर्गत निर्यातकों को 5 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि मिलती थी, जिससे निर्यात में होने वाले जोखिमों/नुकसान आदि की भरपाई हो जाती थी। अब उसके स्थान पर सरकार ने रोडटेप (निर्यात किए उत्पादों पर शुल्क एवं कर छूट) योजना एक जनवरी 2021 से चलाई, जिसकी दरें 13 अगस्त को निर्धारित कर लागू की गई हैं। नई दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 0.5 से 4.30 कर दिया गया है। इस स्थिति में कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मिलकर समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे तथा दर 10 प्रतिशत कराने की मांग की जाएगी। साथ ही स्टील व लोहे से बने सामानों के निर्यात को भी इसमें शामिल कराने की मांग करेंगे।
इस दौरान सोम प्रकाश गोयल, उमेश सचदेवा, शेख फैजान अहमद, पूर्व चेयरमैन शराफत खान, साबिर अली खान, मोहम्मद शाहजमा, जुनैद खान टिंकू, अनवार अहमद, जावेद इक़बाल, मोहम्मद रिहान, आसिफ अंसारी, फुरकान अहमद, रईस अहमद, देवबंद नगर पालिका चेयरमैन जियाउद्दीन अंसारी आदि मौजूद रहे।