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Saharanpur News: कभी था जिंदगी का हिस्सा, अब छोड़ने का संकल्प, जीवन की नई शुरुआत

Sun, 31 May 2026 01:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। शौक में दो दाने से तंबाकू खाने की शुरुआत कब लत बन जाती है पता ही नहीं चलता। जिले में शौक के लिए युवा तंबाकू के आदी हो रहे हैं। जब तक इन युवाओं को तंबाकू के नुकसान समझ में आते हैं, तब तक इस लत को छोड़ना मुश्किल हो जाता है। जिला क्षय रोग कार्यालय स्थित ओपीडी में हर महीने 300 से 350 लोग तंबाकू की लत छोड़ने के लिए पहुंच रहे हैं।
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रविवार यानी आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में सात हजार लोग तंबाकू की लत को छोड़ने के लिए ओपीडी में पहुंचे। इनमें से 780 ऐसे लोग हैं, जो तंबाकू खाने से तौबा कर चुके हैं। टीम ने इन लोगों का फालोअप भी किया है। 547 लोगों के सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान या तंबाकू खाने पर चालान किया गया है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी शिवांका गौड़ का कहना है कि तंबाकू उत्पादों के सेवन से कैंसर से लेकर विभिन्न प्रकार की बीमारियां होने का खतरा रहता है। कार्यक्रम के जिला सलाहकार मुदस्सर अली ने बताया कि शैक्षिक संस्थानों के 100 गज के भीतर के क्षेत्र में तंबाकू उत्पाद बेचना कानून अपराध है।

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तंबाकू सेवन से नुकसान

वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजीव मिगलानी बताते हैं कि तंबाकू के सेवन से शारीरिक व मानसिक सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। तंबाकू से मुंह, गला व फेंफड़े का कैंसर होने की संभावना रहती है। तंबाकू से हृदय संबंधी रोग होने का खतरा रहता है।
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केस नंबर-एक
चंद्र नगर निवासी कपिल का कहना है कि प्राइवेट नौकरी है। काफी तनाव रहता है। इसलिए कब गुटखे की लत लग गई पता ही नहीं चला। अस्पताल में एक महीने तक काउंसिलिंग हुई। अब जाकर ठीक हुआ।

केस नंबर-दो
शारदा नगर निवासी राहुल ने बताया कि दोस्तों के साथ रहकर तंबाकू खाने की लत गई थी, जो धीरे-धीरे बढ़ती चली गई। अस्पताल में दिखाने के बाद से तंबाकू खाना बंद कर दिया है।
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