सहारनपुर। शहर के आश्रय स्थल में रह रहे विदेशी जमातियों की वतन वापसी का सिलसिला जारी है। जल्द ही मलयेशिया और भूटान के जमाती अपने देश के लिए रवाना हो सकेंगे। इनके लिए केंद्र सरकार से अनुमति मिल चुकी है। अब इनकी 17 जुलाई को फ्लाइट प्रस्तावित है। इन जमातियों के समर्थक उनकी रवानगी की तैयारी में लगे हुए हैं।
कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के समय से 54 विदेशी जमाती यहां जिले में फंसे हुए हैं। पहले इन पर लॉकडाउन के उल्लंघन और टूरिस्ट वीजा के दुुरुपयोग के आरोप में मामले दर्ज हुए थे। बाद में इन्हें अस्थाई जेल भेज दिया गया था। अदालत में मामले की सुनवाई हुई तो पिछले माह ही उन्हें जेल से रिहा किया गया था। अदालत से रिहाई के बाद इन विदेशी जमातियों को अंबाला रोड स्थित आश्रय स्थल में रखा गया था।
इसके बाद से ही सांसद हाजी फजलुर्रहमान, वुडकार्विंग उद्यमी ओशाफ गुड्डू, वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी जानिसार अहमद सहित अन्य समर्थक उनकी वतन वापसी के प्रयास में लगे हुए हैं। इन्हीं प्रयासों के बीच जुलाई के पहले सप्ताह में ही इंडोनेशिया के जमातियों को वतन वापसी के लिए अनुमति मिली थी। इसके बाद थाईलैंड, इस्राइल, मोरक्को और ट्यूनेशिया के जमातियों को अपने मुल्क लौटने की अनुमति मिली और उन्हें यहां से भिजवाया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता जानिसार अहमद बताते हैं कि अब मलयेशिया और भूटान के नागरिक स्वदेश लौट पाएंगे। उनके लिए अनुमति तो मिल चुकी है। बस 17 जुलाई की प्रस्तावित फ्लाइट का इंतजार है। उनकी व्यवस्थाएं कराई जा रहीं हैं। अब तक कुल 24 जमाती जा चुके हैं। बाकी जमातियों के जरूरी दस्तावेज गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और दूतावासों में सबमिट कराए जा चुके हैं। अब टिकट कन्फर्म होते ही बाकी जमातियों को उनके मुल्क भिजवाया जा रहा है।