देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने सरकार से ईदगाह और मस्जिदों में आवश्यक प्रबंधों के साथ ईद-उल-अजहा की नमाज अदा करने की इजाजत देने की मांग की, साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की मस्जिदों में 5 लोगों की शर्त हटाई जाए तथा कुरबानी को सुरक्षित बनाया जाए।
मंगलवार को जारी बयान में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि मुसलमानों की प्रमुख इबादत (कुरबानी) और ईद-उल-अजहा की नमाज के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और बाधाओं को दूर किया जाए। कहा कि जहां तक कुरबानी का संबंध है तो वह हर साहिब-ए-हैसियत (सक्षम) मुसलमान पर लाजिम (आवश्यक) है और वक्त के अंदर उसका कोई विकल्प नहीं है। इसलिए आवश्यक है कि कुरबानी के जानवर की खरीद फरोख्त तथा स्थानांतरण के कार्यों को सुरक्षित बनाया जाए। मौलाना मदनी ने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें, सार्वजनिक स्थालों पर मांस, हड्डी अवशेष आदि न डालें। सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक जानवरों की खरीद फरोख्त करें। बता दें कि पूरे देश में जुलाई माह के अंत में ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया जाएगा, लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते सरकार ने कुछ प्रतिबंधों के साथ धार्मिक क्रियाकलापों को करने की अनुमति दी हुई है।