नानौता। सड़क हादसे में तीन मौतों के बाद आखिरकार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की नींद टूट गई है। जंधेड़ी फाटक के पास निर्माणाधीन पुल पर दुर्घटना संभावित क्षेत्र के चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ ही अधूरी पड़ी सड़क पर मिट्टी डालने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
बता दें, कि चार फरवरी की रात शाहदरा निवासी तीन दोस्तों की कार शाकंभरी देवी जाते वक्त दिल्ली हाईवे पर नानौता के जंधेड़ी फाटक के पास गंगनहर पुल पर सड़क किनारे खड़े कंटेनर से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में तीनों दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे के पीछे अधर में लटके पुल की एप्रोच रोड न बना होना सामने आई थी। दरअसल, हाईवे पर जंधेड़ी गांव के पास गंगनहर के पुल का निर्माण काफी समय से अधर में लटका हुआ है। ऐसे में सहारनपुर से शामली जाने के लिए हाईवे की लेन बनी हुई है, लेकिन शामली से सहारनपुर की तरफ जाते समय अधर में लटके पुल के पास पहुंचते ही वाहनों को दूसरी लेन में जाना पड़ता है।
पुल की ऊंचाई करीब छह से सात फीट है। वहां पर वाहनों को डायवर्ट करने के लिए कोई संकेतक बोर्ड भी नहीं लगाया गया। हादसे का कारण यही रहा। पहले भी इस पुल की वजह से कई हादसे हो चुके हैं। अब तीन मौतों के बाद अधिकारियों की नींद टूटी है। संबंधित ठेकेदार ने अधूरी पड़ी सड़क पर मिट्टी डालने का काम भी शुरू कर दिया है। साथ ही वाहन चालकों को सचेत करने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्र के चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं।