सहारनपुर के किसान सेठपाल को पदमश्री प्रदान करते राष्ट्रपति
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सहारनपुर। खेती में नित नए प्रयोग करने वाले जनपद के प्रगतिशील किसान सेठपाल सिंह को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मश्री से सम्मानित किया। उन्हें मेडल और प्रशस्तिपत्र दिया गया। उन्हें यह सम्मान कृषि विविधीकरण के क्षेत्र में किए गए उनके नित नए प्रयोगों के लिए दिया गया है। वे क्षेत्र में किसानों के लिए प्रेरणास्रोत्र बने हुए हैं।
जनपद के गांव नंदी फिरोजपुर निवासी प्रगतिशील किसान सेठपाल सिंह पिछले कई वर्षों से कृषि में नए-नए प्रयोग कर किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। कृषि विविधीकरण के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उनकोपद्मश्री के लिए चयनित किया गया था। इससे पहले भी उन्हें राष्ट्रीय स्तर के कई पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्हें आईसीएआर से वर्ष 2012 में नवोन्मेषी कृषक सम्मान, आईसीएआर से ही वर्ष 2014 में जगजीवन राम अभिनव किसान पुरस्कार और वर्ष 2020 में अध्येता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कृषि विविधीकरण को अपनाया। वे तालाब की बजाए खेत में सिंघाड़ा का उत्पादन करते हैं। कमल के फूल, कमल ककड़ी, मत्स्य पालन, पशुपालन, सब्जी उत्पादन के साथ ही मशरूम की खेती भी करते हैं। गन्ने की फसल के साथ सहफसली के तौर पर उन्होंने कई प्रयोग किए वे गन्ने के साथ ही प्याज, सौंफ, आलू, सरसों, मसूर, टिंडा और हल्दी की खेती करते हैं। इसके अलावा उन्होंने ऑर्गेनिक खेती में भी हाथ आजमाया है। इसमें वह वर्मी कंपोस्ट को स्वयं तैयार कर खेती में प्रयोग कर रहे हैं। जिससे उन्होंने फसलों के बढ़िया उत्पादन के साथ ही भूमि में जीवांश कार्बन की मात्रा को मेनटेन कर रखा है। सपा के प्रदेश सचिव चौधरी रुद्रसेन, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. आईके कुशवाहा, उप निदेशक कृषि डॉ. राकेश कुमार, युवा गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय महासचिव लोकेश गुर्जर आदि ने सेठपाल सिंह को पद्मश्री मिलने पर हर्ष व्यक्त किया है।