अपनी पत्नी और बच्चों के साथ योगेश रोहिला। स्रोत ग्रामीण
- फोटो : हत्यारोपी पत्नी, प्रेमी व शूटर को सदर कोतवाली में लाती पुलिस।
गंगोह। सांगाठेड़ा गांव में तीन बच्चों की चिताएं अभी ठंडी नहीं हुई थीं कि उनकी मां नेहा ने भी दम तोड़ दिया। 51 घंटे तक नेहा जिंदगी के लिए अस्पताल में लड़ती रही। दो दिन से चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज चल रहा था। देर रात सांगाठेड़ा गांव में
शव पहुंचा।
22 मार्च को सांगाठेड़ा गांव में भाजपा नेता योगेश रोहिला ने शक व गुस्से में अपनी पत्नी नेहा, बेटी श्रद्धा, बेटों देवांश व शिवांश को गोली मार दी थी। सभी के सिर में गोली मारी गई थी। श्रद्धा, देवांश व शिवांश की मौत हो गई थी, जबकि उनकी मां नेहा को जिला अस्पताल से गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। परिजनों ने उसे चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती कराया था। वहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का काफी प्रयास किया।
नेहा पीजीआई में वेंटिलेटर पर थी। उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था और उसकी हालत स्थिर बनी हुई थी। करीब 51 घंटे तक तक मौत से जूझने के बाद सोमवार शाम नेहा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।