हर तरफ लापरवाही और बदइंतजामी... खतरे में बच्चों की जान
सहारनपुर। एक तरफ परिवहन विभाग हादसों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सड़क सुरक्षा सप्ताह चला रहा है, दूसरी मोदीनगर गाजियाबाद में कक्षा चार के छात्र की मौत से भी कोई सबक नहीं लिया है। अमर उजाला टीम ने बृहस्पतिवार को पड़ताल की तो हर तरफ लापरवाही और बदइंतजामी नगर आई। 361 स्कूली वाहनों की फिटनेस ही नहीं हुई है और वह सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
जनपद गाजियाबाद के मोदीनगर में कक्षा चार के 10 वर्षीय छात्र अनुराग भारद्वाज की मौत स्कूली वाहन में सफर करते समय लापरवाही की वजह से हुई है। वाहन की खिड़की पर जाली नहीं लगी थी। बच्चे ने सिर बाहर निकाला तो लोहे के गेट से उसका सिर टकराया और मौत हो गई। इसके बाद भी बस संचालक, स्कूल प्रबंधन और परिवहन विभाग अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है, जो खस्ताहाल हुए वाहनों में बच्चों को सफर करने पर मजबूर कर रहे हैं। जिले में बड़ी संख्या में स्कूली बसें, थ्री व्हीलर, वैन सहित अन्य वाहन शामिल हैं। इनमें कई वाहन तो ऐसी हैं, जो कभी भी रास्ते में ही खराब हो जाते हैं। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार दोपहर को स्कूलों की छुट्टी होने पर स्कूलों बसों का हाल जाना तो पाया कि कई बसों में परिचालक नहीं है। कई बसों में बच्चे बस के गेट पर खड़े होकर सफर करते मिले। कई बसों में बच्चे खिड़की के शीशे खोल कर बाहर हाथ निकाले हुए थे।
फिटनेस नहीं कराने वाले स्कूली वाहनों
के मालिकों को अब जारी होंगे नोटिस
जिले में 977 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से अभी 616 वाहनों की फिटनेस हो सकी है। बाकी 361 वाहन बिना फिटनेस के ही चल रहे हैं। आरटीओ प्रवर्तन राधेश्याम ने बताया कि अनफिट 361 वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर तत्काल फिटनेस कराने आदेश दिए गए हैं।
इन बिंदुओं पर होती है जांच
- वाहन की कंडीशन
- रेडियम पट्टी
- इंजन की आवाज, हेड लाइट
- इंडीकेटर, बैक लाइट, एक्शल
- स्टेयरिंग, फॉग लाइट
- वाहनों का ब्रेक लगाने के सिस्टम
- वाहन का कलर, इंजन व चेसिस नंबर
- शीशे और खिड़की पर जाली लगी होनी चाहिए
- वाहनों पर परिचालक होना चाहिए
दिल्ली रोड़ से स्कूली अधिक बच्चे होने के कारण बस पर लटककर घर लोटते छात्र दुर्घटना को देते दावत- फोटो : SAHARANPUR
कितनी बड़ी लापरवाही दिल्ली स्थित स्कूल से लोटते वक्त छात्रा का सिर भी बाहर व हाथ भी बाहर ना स्कूल ?- फोटो : SAHARANPUR