नकुड़ (सहारनपुर)। महाभारत कालीन नकुलेश्वर महादेव मंदिर और मुगल शासक शाह आलमगीर की तामीर कराई गई जामा मस्जिद से सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश दे रहा नकुड़ आज भी विकास को तरस रहा है। बीते वर्षों में यमुना के तटबंध बने और बाढ़ जैसी विभीषिका को कम करने की कोशिश हुई, लेकिन अब भी यमुना खादर के कई गांव यमुना का कहर झेल रहे हैं। अनाज मंडी के अभाव में किसानों को मजबूरन अपनी फसल बेचने के लिए हरियाणा का रुख करना पड़ता है। साधन विहीन किसानों को फसल औने-पौने दामों पर ही आढ़तियों को बेचनी पड़ती है। स्वास्थ्य सेवायें बेहतर नहीं होने के कारण हर वर्ष फैलने वाली बीमारियों में कई जानें जाती हैं। तहसील मुख्यालय होने के बावजूद बस अड्डा तक नहीं है। बसें सड़कों पर खड़ी रहने के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। तहसील मुख्यालय होने के बावजूद नकुड़ में बस अड्डा नहीं है। बसें सड़कों पर खड़ी रहती हैं। छात्र-छात्राएं गांव अघ्याना में बन रहे राजकीय डिग्री कॉलेज के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। अधिवक्ताओं की वर्षों से मुंसिफ कोर्ट की मांग लंबित चली आ रही है।
वर्ष 2012 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई नकुड़ सीट
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले हुए परिसीमन में अस्तित्व में आया यह विधानसभा क्षेत्र पहले सरसावा के नाम से था। परिसीमन के बाद गंगोह और नकुड़ अलग होने के बाद इसकी अलग पहचान बनी। सैनी-दलित गठजोड़ के जरिए वर्ष 2012 में इस सीट पर बसपा से डॉ. धर्मसिंह सैनी तीसरी बार विधायक बने थे। इससे पहले 2007 में बसपा की सरकार पर डॉ. धर्मसिंह सैनी को बेसिक शिक्षा विभाग में कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया था। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले डॉ. धर्मसिंह सैनी ने बसपा छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया और कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद को हराकर चौथी बार विधायक बने। उन्हें आयुष राज्य मंत्री बनाया गया। हाल ही में इस्तीफा देकर सपा में शामिल हो गए।
बीस वर्षों से लगातार क्षेत्र की जनता की सेवा की और यही कारण है कि हमेशा सांप्रदायिक ताकतों को मात देकर जनता ने मुझे जीत दिलाई। इस दौरान शिक्षा, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं पर भरपूर काम किया। गांव अघ्याना में राजकीय डिग्री कॉलेज, कपूरी व कुतुबपुर में इंटर कॉलेज, पिलखनी में मेडिकल कॉलेज, बिडवी व सोराना में बिजलीघर, पुलों का निर्माण व नकुड़ व सरसावा सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट आदि लगवाने का काम किया। मेरे विधानसभा में भाईचारा कायम रहा और कहीं भी जातीय संघर्ष नहीं होने दिया।
डॉ. धर्म सिंह सैनी विधायक
नकुड़ विधानसभा
कुल मतदाता- 3,49,034
पुरुष मतदाता-1,84,464
महिला मतदाता-1,64,467
अन्य मतदाता-06
मतदान केंद्र-225
मतदेय स्थल-421
जातीय आंकड़ा
क्षेत्र में सबसे ज्यादा यहां एक लाख 22 हजार मुस्लिम मत हैं। 82 हजार अनुसूचित जाति, 38 हजार गुर्जर, 37 हजार सैनी, 19 हजार कश्यप, 13 हजार राजपूत, साढ़े 12 हजार ब्राह्मण और शेष जाट, वैश्य व अन्य जातियों के मतदाता हैं।
परिसीमन से पहले इस सीट पर चौधरी यशपाल सिंह और काजी रसीद मसूद का दबदबा रहता था। दोनों ही दिग्गज नेता केंद्र व प्रदेश में अहम पदों पर विराजमान रहे। इस सीट पर चौधरी यशपाल सिंह पांच बार विधायक रहे। अब दो बार से लगातार डॉ. धर्म सिंह सैनी विधायक हैं। उन्होंने दोनों बार इमरान मसूद को हराया है।
अब तक के विधायक
1952 चौधरी दाता राम कांग्रेस
1957 चौधरी दाता राम कांग्रेस
1962 चौधरी यशपाल सिंह कांग्रेस
1967 एन सिंह निर्दलीय
1969 काजी रसीद मसूद निर्दलीय
1974 चौधरी यशपाल सिंह कांग्रेस
1977 चौधरी यशपाल सिंह कांग्रेस
1980 चौधरी यशपाल सिंह कांग्रेस आई
1985 रामशरण लोकदल
1989 मास्टर कंवरपाल जनता दल
1991 मास्टर कंवरपाल जनता दल
1993 में चौधरी यशपाल सिंह कांग्रेस
1996 कुंवरपाल सिंह निर्दलीय
2000 प्रदीप कुमार रालोद
2002 डॉ. सुशील चौधरी कांग्रेस
2007 महिपाल माजरा बसपा
2012 डॉ. धर्म सिंह बसपा
2017 डॉ. धर्म सिंह बसपा
प्राचीन नकुलेश्वर महादेव मंदिर, नकुड़- फोटो : SAHARANPUR