नानौता। नगर के गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा की ओर से होला महल्ला के 78वें पर्व पर पंज प्यारों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का नगर कीर्तन निकाला गया। गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी आकर्षण का केंद्र बनी रही। तीन दिवसीय धार्मिक समागम का समापन श्रीअखंड पाठ के भोग व रागी जत्थों द्वारा शब्द कीर्तन के साथ हुआ।
नगर के मोहल्ला सरावज्ञान स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में आयोजित तीन दिवसीय होला महल्ला के पर्व का शुभारंभ दो मार्च को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ की सेवा (सरदार सतनाम सिंह, धर्मजीत कौर यमुनानगर) व निशान साहिब के चोले की सेवा (बीबी प्रकाश कौर) के साथ हुआ। धार्मिक समागम में तीसरे दिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के श्रीअखंड पाठ की समाप्ति के पश्चात धार्मिक दीवान में रागी जत्था भाई गुलजार सिंह यमुनानगर, कीर्तनी जत्था भाई पलविंदर सिंह कोठा गुरु दा बठिंडा पंजाब, ज्ञानी हरविंदर सिंह व श्री गुरु तेग बहादुर कीर्तनी जत्था करनाल द्वारा शब्द कीर्तन किया गया। बताया कि आज ही के दिन दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने आनंदपुर साहिब में सिख कौम को जोर, जबर व जुल्म के खिलाफ तथा धर्म तथा देश की रक्षा के लिए शस्त्र धारण कराए और जुल्म के विरुद्ध लड़ने की प्रेरणा दी।
इसके बाद निकाले नगर कीर्तन में लुधियाने से आए पाइप बैंड व मिरि पिरि खालसा गतका पार्टी (पट्टा पार्टी) ने हैरतअंगेज कारनामों से दर्शकों का मन मोह लिया। नगर कीर्तन गुरुद्वारा साहिब पर संपन्न हुआ। सभा के प्रधान सरदार भूपेंदर सिंह खालसा ने साध संगत का आभार प्रकट किया। संचालन देविंद्र सिंह खैरसाल ने किया। इस दौरान सरदार बीर सिंह, सरदार जसवंत सिंह लुधियाना, अवतार सिंह, मुख्त्यार सिंह, जगदीश चावला, किशन चावला, विजय नारंग, राजकुमार कालडा, इंद्रजीत सिंह, सिमरजीत कौर, कमलजीत कौर, आदि रहे।
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निहंग सिंघों ने बढ़ाई नगर कीर्तन की शोभा
होला महल्ला पर मुख्य आकर्षण के रूप में पंथ अकाली बाबा बुढ़ा दल पांचवां तख्त से पधारे प्रसिद्ध निहंग सिंह महाकाल अकाली बाबा भीम सिंह जी निहंग सिंघों के साथ घोड़ों पर सवार होकर नगर कीर्तन की शोभा बढ़ा रहे थे। नगर के श्रीकृष्णलीला चौक पर सोनू कश्यप,अमित सैनी, रमेशचंद नामदेव, भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रक्षा नामदेव, विवेक नामदेव, ध्रुव मित्तल, बबलू जैदी, धीरज रुहेला सहित सर्वसमाज के लोगो ने अपनी छतों व रास्तों में खड़े होकर श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की पालकी पर फूलों की वर्षा की।