सहारनपुर। भूमाफिया के खिलाफ अभियान तेज करते हुए नगर निगम ने बुधवार को पुलिस के सहयोग से खाताखेड़ी में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जाधारियों से निगम के सभी सात स्टाफ क्वार्टर खाली कराकर सीज कर दिया। क्वार्टरों के पीछे खाली पड़ी निगम की जमीन को घेरने के लिए अवैध रूप से बनाई गई दीवारों को भी गिरा दिया। कब्जामुक्त कराई गई संपत्ति की कीमत करीब 25 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने तालाबों, पार्कों और निगम की अन्य जमीनों पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों को चेतावनी दी है कि वे स्वयं निगम की भूमि खाली कर दें नहीं तो भूमाफिया के रूप में चिह्नित कर जमीन कब्जा मुक्त कराने के साथ ही उनके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि कई दशक पहले निगम (तब नगरपालिका) के कर्मचारियों के लिए खाताखेड़ी में स्टाफ क्वार्टर बनाए गए थे। ये सेवानिवृत्त हो चुके हैं या उनकी मृत्यु हो चुकी है। इनके वारिसों गुरुचरणदास, आशीष जैन, उर्मिला राठी, अंजना महेश्वरी, अमित वर्मा व पंकज कुमार ने क्वार्टर्स खाली कर निगम को सौंपने के बजाय आगे किराए पर दे दिए। एक अन्य क्वार्टर पर किराएदार का कब्जा था। क्वार्टरों में लकड़ी के कारखाने बना लिए गए थे और खाली जमीन को घेरकर अवैध कब्जा किया गया था। इसकी दीवारें भी गिराई गईं। वहीं, इस कार्रवाई के बाद धोबीघाट क्षेत्र के कुछ लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं।
कब्जाधारियों से मौजूदा दरों पर की जाएगी किराया वसूली
- संपत्ति कर अधिकारी विनय शर्मा ने बताया कि स्टाफ क्वार्टरों में अवैध रूप से रह रहे लोगों से आज की बाजार दरों पर किराए की वसूली भी की जाएगी। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी, एसडीएम सदर अनिल कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रवीश चौधरी, उप नगरायुक्त दिनेश यादव, संपत्ति अधिकारी विनय शर्मा, अतिक्रमण प्रभारी दानिश नकवी, प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल बीएस नेगी, राजस्व निरीक्षक विकास कुमार सहित पुलिस बल मौजूद रहा।