सहारनपुर। नगर स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक नगर स्वास्थ्य अधिकारी से लेकर सफाई निरीक्षकों की टीम, दो हजार से अधिक सफाईकर्मी और कचरा उठान के लिए करीब 80 वाहन होने के बाद भी शहर पूरी तरह साफ नहीं है। शहर के प्रमुख मार्ग और बाजार जितने साफ हैं, वहीं कुछ कॉलोनियों खासकर 32 गांवों की गलियां उतनी ही अधिक गंदी है। सफाई पर प्रतिमाह होने वाले खर्च की बात करें तो वह दो करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक बैठता है। पेश है रिपोर्ट।
इतने हैं सफाईकर्मी
नगर निगम के 70 वार्डों में सफाई व्यवस्था बनाने के लिए नगर निगम के पास करीब दो हजार सफाईकर्मी हैं। इनमें करीब 450 सफाईकर्मी स्थायी हैं, जबकि शेष सफाईकर्मी ठेके पर कार्य कर रहे हैं। केवल सफाईकर्मियों के वेतन पर प्रतिमाह करीब दो करोड़ 12 लाख रुपये खर्च होते हैं। शेष करीब 20 लाख रुपया वाहनों में डीजल पर खर्च होता है।
सफाई में लगे वाहन संख्या
कुल वाहन करीब 80
कचरा भरने के लिए जेसीबी 05 जेसीबी
कचरा उठान के लिए ट्रक 13
रोबोट मशीन 02
टेंपो, छोटा हाथी आदि करीब 55
94485 घरों से लिया जा रहा कचरा
शहर में घर-घर से कूड़ा इकट्ठा करने के लिए नगर निगम की टीमों के साथ ही कई एनजीओ की टीमें भी लगी हुई हैं। नगर के 70 वार्डों में 156373 मकान पंजीकृत हैं, जिनमें से 94485 मकानों से टीमें घर जाकर कूड़ा इकट्ठा करती हैं। शेष 61888 मकान इस व्यवस्था से अछूते हैं, जिसके कई कारण हैं।
शहर की सफाई व्यवस्था में करीब दो हजार सफाईकर्मी और बड़ी संख्या में वाहन लगे हैं। तभी जाकर शहर की सफाई व्यवस्था बनी हुई है, जो काफी बेहतर है। फीडबैक में भी लोग नगर निगम की व्यवस्था को सराह रहे हैं।
डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।