बेहट ( सहारनपुर)। बसपा के पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के अब्दुल वहीद एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के कब्जे से भूमि को मुक्त कराने के लिए पैमाइश शुरू हो गई है। बेहट तहसील के गांव शेरपुर पेलो, रोशनपुर पेलो और अली अकबरपुर की करीब 750 बीघा भूमि के नियम विरुद्ध पट्टे आवंटित कराए गए थे, जिसकी काफी जमीन इस ट्रस्ट के कब्जे में है। उसी को खाली कराने और अपना कब्जा लेने को तहसील प्रशासन की तीन टीमों ने पैमाइश कराई और झंडी लगाना शुरू कर दिया है।
गत, 8 सितंबर को ही अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) के न्यायालय ने 115 लोगों के नाम आवंटित करीब 750 बीघा भूमि के पट्टे निरस्त किए थे, जो नियम विरुद्ध हुए थे। अपर जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया था कि उक्त जमीन पर राजस्व विभाग का कब्जा लिया जाए। इस कार्य के लिए राजस्व विभाग और पुलिस की तीन संयुक्त टीमें गठित की गईं। बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन ने भूमि पर कब्जे के लिए पैमाइश शुरू कर दी है।
एसडीएम बेहट दीप्ति देव यादव, तहसीलदार अमित कुमार सिंह व सीओ रामकरण सिंह की मौजूदगी में टीमों ने मिर्जापुर पोल स्थित ग्लोकल यूनिवर्सिटी की बाउंड्री के अंदर व बाहर खाली भूमि से पैमाइश शुरू कराई। एसडीएम ने बताया कि यह भूमि अब्दुल वहीद एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के पास है, जिसकी पैमाइश कराकर भूमि को चिन्हित कराकर झंडी लगाई जा रही है। भूमि पर कब्जा लेकर संबंधित गांवों के ग्राम प्रधान के नाम सुपुर्दगीनामा दिया गया है। कुछ भूमि पर ट्रस्ट की तरफ से निर्माण भी हो सकता है, जिसके लिए अग्रिम आदेश पर कार्रवाई की जाएगी।
आवंटन ग्रामीणों के नाम, कब्जा ट्रस्ट का
बेहट तहसील के तीनों गांवों की करीब 750 बीघा भूमि के पट्टे 115 लोगों के नाम हुए थे। इनमें अधिकांश अनुसूचित जाति से संबंधित हैं। यह भूमि सार्व जनिक उपयोग की थी, जिसमें रास्ता, झाड़ियां आदि की जमीन थी। बावजूद इसके इस भूमि का बड़ा हिस्सा अब्दुल वहीद एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के कब्जे में आ गया। सवाल यह उठता है कि जब भूमि के पट्टे 115 लोगों के नाम हुए थे तो, ट्रस्ट ने इस भूमि पर कब्जा कैसे कर लिया। क्योंकि पट्टों के आवंटन में नियम शर्त होती है, जो आसामी पट्टे के रूप में ही दी जा सकती है। उसका भी समय निर्धारित होता है और समय समाप्त होने पर पट्टा स्वत: निरस्त हो जाता है। बावजूद इसके ट्रस्ट ने इस पर कब्जा किया और कई निर्माण तक कर डाले।
राजस्व परिषद से कार्रवाई पर रोक लगने का दावा
अब्दुल वहीद एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट की तरफ से इस मामले में राजस्व परिषद में वाद डाला गया। ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि राजस्व परिषद की सदस्य (न्यायिक) भावना श्रीवास्तव ने पत्रावली पर सुनवाई कर आदेश दिया कि मामले में प्रतिपक्षी को सुनवाई के लिए रजिस्टर्ड सम्मन भेजना चाहिए। समन्न की पैरवी एक सप्ताह में सुनिश्चित की जाए। आगामी नियत तिथि 29 नवंबर सुनवाई की रखी है, तब तक अपर जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय द्वारा पारित आदेश का क्रियान्वयन स्थगित किया जाता है। इसके अलावा ट्रस्ट की तरफ से मामले में हाईकोर्ट में भी याचिका दायर करने की बात कही गई है।
पैमाइश के बाद भूमि को चिन्हित कर लगाई झंडी के पास मौजूद राजस्व व पुलिस टीम- फोटो : SAHARANPUR