सहारनपुर। लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कराने के लिए भाजपा ने हर तरफ से किलेबंदी की, लेकिन निष्कर्ष वही ढाक के तीन पात वाला निकला। चुनाव से पहले भाजपा ने पूर्व मंत्री से लेकर कई दिग्गजों को शामिल किया, जिससे हर वर्ग में पैठ बनाई जा सके।
सपा सरकार के पूर्व मंत्री संजय गर्ग ने सात मार्च को लखनऊ में जाकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उनके साथ समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन गुप्ता, प्रदेश सचिव भरत वाधवानी, जिला पंचायत सदस्य चौधरी रामकिशन उर्फ रामू आदि भी भाजपा में शामिल हुए थे। वह मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी थे और तीन बार विधायक भी रहे। पूर्व मंत्री संजय गर्ग की वैश्य समाज में काफी पकड़ मानी जाती है। उनके शामिल होने से लग रहा था कि गठबंधन प्रत्याशी को परेशानी हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सहारनपुर नगर विधानसभा सीट पर भाजपा को 2019 में 135840 वोट मिले थे, जबकि इस बार 129933 वोट ही भाजपा को मिल सके। पिछले चुनाव के मुकाबले नगर सीट पर भी मतदान प्रतिशत कम रहा।
उधर, चुनाव से कुछ समय पहले नानौता चेयरपर्सन रूमाना खान और उनके पति पूर्व चेयरमैन अफजाल खान समेत कई अन्य ने भी भाजपा का दामन थामा था। इसके अलावा सरसावा चेयरपर्सन कोमल पंवार भी अपने पति राजू उर्फ प्रमोद पंवार के साथ भाजपा में शामिल हुई थी, लेकिन वहां पर भी वोट प्रतिशत कुछ ज्यादा नहीं दिखा।
मतदान से दो दिन पहले भाजपा में आए थे डॉ. धर्म सिंह सैनी
भाजपा ने मतदान से ठीक दो दिन पहले डॉ. धर्म सिंह सैनी को भी पार्टी में शामिल कराया। डॉ. धर्म सिंह सैनी की सैनी समाज में मजबूत पकड़ मानी जाती है। सैनी समाज की नाराजगी को देखते हुए भाजपा ने ऐनवक्त पर यह कदम उठाया, लेकिन ऐनवक्त पर लिए गए फैसले के कारण भाजपा का प्रदर्शन यहां भी निराशाजनक रहा। नतीजा भाजपा प्रत्याशी की हार से भुगतना पड़ा।