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विकास की कई घोषणाएं धरातल पर नहीं उतरीं

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जुबली पार्क के रामलीला मैदान में लगा कूड़े का ढेर - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। नगर निगम के अधिकारियों ने शहर के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं, लेकिन हकीकत यह है कि इसमें कई घोषणाएं अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। बीते कुछ वर्षों में महापौर और नगरायुक्त द्वारा की गई घोषणाओं की पड़ताल की गई तो परिणाम शून्य मिला। बल्कि कुछ जगहों पर नगर निगम ने पैसा खर्च करने के बाद कार्यों को अधूरा ही छोड़ दिया। प्रमुख घोषणाओं की जमीनी हकीकत पर एक रिपोर्ट...
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नौ साल पहले की थी पार्किंग की घोषणा
नगर निगम के अधिकारियों ने दो मार्च 2013 को शहर में छह स्थानों पर पार्किंग बनाने की घोषणा की थी। अंबाला रोड स्थित बस स्टैंड की जगह कार पार्किंग और टेंपो स्टैंड, देहरादून चौक पर पीडब्लूडी कार्यालय के बाहर तथा बाजोरिया अस्पताल के पास मुख्य सड़क के किनारे पार्किंग स्टैंड बनाने की बात कही गई थी। कार्ययोजना तैयार हो जाने के दावे किए गए थे, लेकिन नौ साल में निगम एक भी पार्किंग नहीं दे सका है।
बद से बदतर हुआ जुबली पार्क
नगर निगम के अधिकारियों ने वर्ष 2016 में शहर के बीचोंबीच स्थित जुबली पार्क को बहुउद्देशीय बनाने की घोषणा की थी। स्मार्ट सिटी योजना के तहत जुबली पार्क में बने पार्क के सुंदरीकरण, बगल में खाली पड़ी भूमि पर मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, जिसमें 40 चौपहिया वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग, प्रथम तल पर वेंडिंग जोन और कैंटीन बनाने की घोषणा की थी। इन कार्यों के नाम पर जुबली पार्क को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिसकी वर्तमान में हालत बद से बदतर है।
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25 जगह पर बनने थे वेंडिंग जोन, एक भी नहीं बना
नगर निगम ने 16 फरवरी 2018 को शहर में 25 जगहों पर वेंडिंग जोन बनाने की घोषणा की थी, जिनके लिए जगह भी चिह्नित कर ली गई थी, लेकिन बीते चार साल में नगर निगम एक भी वेंडिंग जोन तैयार नहीं कर सका है। एसबीडी जिला अस्पताल के पीछे वेंडिंग जोन बनाने के लिए टीनशेड लगाने का कार्य करीब डेढ़ वर्ष पहले शुरू किया गया था, लेकिन नगर निगम उक्त वेंडिंग जोन को भी पूरा नहीं कर सका है।
प्रमुख सड़कों पर बनने थे फुटपाथ
स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम ने शहर की तमाम प्रमुख सड़कों पर फुटपाथ बनाने का निर्णय 16 फरवरी 2018 को लिया गया था। खासकर सभी बाजारों जैसे नेहरू मार्केट, प्रताप मार्केट, कोर्ट रोड, अंबाला रोड आदि पर फुटपाथ बनाने की बात कही गई थी। नगर निगम ने नेहरू मार्केट, प्रताप मार्केट आदि में सड़कें तो बनाई, लेकिन फुटपाथ सड़कों के टेंडर से बाहर हो गया।
अभी तक कचरा निस्तारण नहीं
नगर निगम ने वर्ष 2018 में बेहट रोड पर कचरा निस्तारण के लिए 60 बीघा भूमि खरीदी थी। दावा किया गया था कि अगले एक साल में भूमि पर कचरे का निस्तारण शुरू हो जाएगा, लेकिन नगर निगम अभी तक ऐसा नहीं कर सका है। एक वर्ष पूर्व पांवधोई नदी के दोनों किनारों पर बने कूड़ाघरों को अंडरग्राउंड करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन वह भी नहीं बने हैं।
तीन साल में भी नहीं बनी कचरे से बिजली
नगर निगम ने सितंबर 2019 में कचरे से बिजली बनाने की बात कही थी। साउथ कोरिया की कंपनी के साथ अनुबंध किया था। कंपनी का प्रतिनिधिमंडल भी यहां आया था, लेकिन कचरे से बिजली बनाने की योजना और अनुबंध कहीं गायब हो गए।
मच्छरों से मिलनी थी निजात
नगर वासियों को मच्छरों से निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने 15 जनवरी को शहर के सभी 70 वार्डों में मॉस्किटो सर्विलांस एंड कंट्रोल प्लेट फॉर्म बनाने की घोषणा की थी। हैदराबाद की कंपनी के साथ अनुबंध भी हो गया है, जिसे 150 मशीनें निगम को देनी थी, मगर मशीनें नहीं आईं।
- कचरा निस्तारण की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। कचरे से बिजली बनाने के लिए साउथ कोरिया की कंपनी के साथ केवल बैठक हुई थी अनुबंध नहीं हुआ था। अतिक्रमण हटाने के लिए भी समय-समय पर अभियान चलते रहे हैं। शेष कार्यों की बात करें तो वह ज्यादातर स्मार्ट सिटी से जुड़े हैं, जिनमें उनका कोई हस्तक्षेप नहीं है।
संजीव वालिया, महापौर।

जुबली पार्क में खोद के छोड़ा गया पार्क- फोटो : SAHARANPUR

सहारनपुर के प्रताप मार्केट में सड़क पर दुकाने लगा कर किया गया अतिक्रमण- फोटो : SAHARANPUR

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