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ट्रकों में लदा सड़ गया आम और टमाटर, दाम आधे

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- आढ़ती के यहां पर ट्रक से उतारे गए आम की कैरेट में निकला सड़ा आम - फोटो : SAHARANPUR
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ट्रकों में लदा सड़ गया आम और टमाटर, दाम आधे
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सहारनपुर। 35 घंटे का कोरोना कर्फ्यू फल और सब्जी कारोबारियों को नुकसान दे गया। आंध्र प्रदेश से मंगाया गया आम ट्रक में लदा रहने के कारण सड़ गया तो महाराष्ट्र से मंगाया चीकू भी नरम पड़ गया। इससे इन दोनों ही फलों के दाम में गिरावट आ गई, जबकि सब्जी कारोबारियों को टमाटर खराब होने के कारण नुकसान झेलना पड़ा है।
शासन के निर्देश पर 35 घंटे का कर्फ्यू लगाया गया, जो शनिवार रात आठ बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक प्रभावी रहा। सहारनपुर की मंडी में फिलहाल आंध्र प्रदेश से आम मंगाया जा रहा है तो चीकू महाराष्ट्र से आ रहा है। इसी तरह अन्य फल भी दूसरे राज्यों से मंगाए जाते हैं। शनिवार रात आठ बजे से जब कोरोना कर्फ्यू लगा, उससे पहले ही मंडी कारोबारियों द्वारा माल की डिमांड कर दी गई थी। इस कारण आंध्र प्रदेश से आम चल चुका था और महाराष्ट्र से चीकू और अन्य फल। फलों की गाड़ियां शनिवार रात और रविवार को सहारनपुर मंडी में पहुंची, लेकिन उनसे माल उतारा नहीं जा सका, क्योंकि पल्लेदार भी नहीं आए थे। ऐसे में 35 घंटे तक माल की पेटियां और कैरेट ट्रकों में लदी रहीं। वहीं, सोमवार सुबह मंडी में कारोबार शुरू हुआ तो आम की कैरेटों में काफी मात्रा में आम सड़ा निकला। इसी तरह चीकू भी नरम पड़ चुका था।
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दामों में यह आया प्रभाव
सहारनपुर मंडी में महाराष्ट्र से तीन से चार ट्रक चीकू आता है। चीकू की करीब 09 किलोग्राम की पेटी दो दिन पहले तक 200 से 250 रुपये में बिकी थी, लेकिन सोमवार को यह 150 से 200 रुपये ही बिक पाई।
आंध्र प्रदेश और अन्य राज्यों से इन दिनों हापुस आम मंगाया जा रहा है, जो खाने के अलावा पर मैंगोशेक में इस्तेमाल होता है। सोमवार को इसका मंडी में थोक दाम 15 से 20 रुपये प्रति किलो रहा, जबकि दो दिन पहले तक 40 से 45 रुपये प्रति किलो था।
सब्जी आढ़तियों के यहां रोजाना ही टमाटर के ट्रक आते हैं। एक ट्रक में 12 से 14 टन टमाटर कैरेटों में लाया जाता है। आढ़ती के यहां जो ट्रक एक दिन पहले आया था, उसकी बिक्री सोमवार को हुई और सोमवार को जो ट्रक पहुंचा, अब उसकी बिक्री मंगलवार को होगी। ट्रक में लदा रहने से टमाटर भी काफी सड़ गया।
48 घंटे पहले घोषित हो जाए, तो तैयारी कर लें
फल कारोबारी प्रमोद भाटिया कहते हैं कि कोरोना कर्फ्यू की जानकारी एकदम से हुई। चीकू मंगाने के लिए तब ऑर्डर हो चुका था। यदि 48 घंटे पहले पता चल जाता तो शायद माल नहीं मंगाते और नुकसान होने से बच जाता।
भाड़ा देना भी भारी पड़ गया
फल कारोबारी नौशाद मियां ने बताया कि आंध्र प्रदेश से आम मंगाने में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा का भाड़ा लगता है। एक ट्रक में करीब 12 टन आम आता है। आम ट्रक में लदा रहने के कारण काफी सड़ गया और दाम भी आधा रह गया, जिससे भाड़ा अदा करना भी भारी पड़ गया।
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सब्जी कारोबारी अमित कुमार और गौरव कुमार का कहना है कि दो दिन का टमाटर आ गया। काफी मात्रा में टमाटर सड़ गया जो फिकवाना पड़ा। ज्यादा माल की आवक होने पर दाम में भी गिरावट आई, जबकि व्यापारी तो पहले ही दाम तय करके माल मंगाता है, उससे काफी नुकसान हुआ।

- सहारनपुर मंडी में आढ़ती के यहां ट्रक से उतारे गए कैरेट में निकला सड़ा आम- फोटो : SAHARANPUR

- सहारनपुर मंडी में आढ़ती के यहां ट्रक से उतारे गए कैरेट में निकला सड़ा हुआ टमाटर- फोटो : SAHARANPUR

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