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मरीजों को बरामदे से हटाकर मेडिकल वार्ड में शिफ्ट किया

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अमर उजाला इंपैक्ट
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अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया विभाग
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बरामदे में बेंचों पर लिटाए गए मरीजों को सोमवार सुबह आनन-फानन में मेडिकल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। बेंचों से उठाकर साफ चादर बिछे बेड पर लिटाए जाने के बाद मरीजों ने भी राहत की सांस ली है। अमर उजाला द्वारा अव्यवस्था को 19 अप्रैल के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद कर दी है। मगर इमरजेंसी सेवाएं जारी हैं। ऐसे में इमरजेंसी वार्ड में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि मरीजों को बरामदे में बेंचों पर लिटाया जा रहा था। यहीं पर उनके तीमारदार रहते थे। इसकी वजह से सोशल डिस्टेंसिंग व्यवस्था भी खत्म हो रही थी। जबकि मेडिकल वार्ड में दर्जनों बेड खाली पड़े थे। जिला अस्पताल की इस अव्यवस्था पर अमर उजाला ने 19 अप्रैल के अंक में (वार्ड में बेड खाली, बरामदे में बेंचों पर लिटाए मरीज) टाइटल के साथ प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया। इसके तुरंत बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। सोमवार की सुबह होते ही अस्पताल प्रशासन ने बरामदे में लिटाए गए मरीजों को ऊपर बने मेडिकल वार्ड में शिफ्ट किया गया है। इसके बाद मरीजों ने राहत की सांस ली है। मरीजों ने बताया कि बेंचों पर लेटे रहने से उन्हें और परेशानी हो रही थी। साथ ही बरामदे में लोगों की आवाजाही से भी वह परेशान थे। मगर वार्ड में उन्हें शांत माहौल मिला है। साथ ही हवादार कमरे और साफ बेड शीट हैं।
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जिन मरीजों को इमरजेंसी वार्ड के बरामदे में रखा गया था। उन सबको मेडिकल वार्ड में शिफ्ट करा दिया गया है। इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सकों और स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि वार्ड में किसी भी तरह की अव्यवस्था ना होने दें। जहां भी बेड उपलब्ध हैं, मरीजों को वहां रखा जाए।
- डॉ. आभा वर्मा, सीएमएस, एसबीडी जिला अस्पताल।
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