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फल और सब्जी मंडी में कारोबार ने पकड़ी रफ्तार

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फल और सब्जी मंडी में कारोबार ने पकड़ी रफ्तार
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सहारनपुर। मंडी समिति परिसर में दोबारा कारोबार शिफ्ट होने के बाद फल एवं सब्जी मंडी में कारोबार ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। लॉकडाउन के दौरान मंडी क्षेत्र के हॉटस्पॉट क्षेत्र में शामिल होने के बाद अस्थायी तौर पर मंडी कारोबार को अंबाला रोड पर चलाया गया। वहां पर आढ़तियों और किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बार हुई बारिश ने कारोबार को प्रभावित किया।
अब मंडी समिति परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ शुरू हुए कारोबार ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। हालांकि फ्रूट एवं वेजिटेबल कमीशन एजेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार इकबाल सिंह चावला का कहना है कि फुटकर विक्रेताओं के कम संख्या में पास बनने के चलते मंडी में आने वाले फल एवं सब्जियां सही दाम पर बिक नहीं पाती हैं। कुछ माल तो बचकर सड़ भी जाता है। इससे आढ़तियों और किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। फड़, रेहड़ी नहीं लगने और रोस्टर के चलते मंडी में भीड़ भी नहीं रहती। इसलिए मंडी आने वाले फुटकर विक्रेताओं के लिए पास की आवश्यकता को समाप्त कर दिया जाए।
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आम उपभोक्ताओं के लिए भी खुले मंडी
सब्जी के आढ़ती जितेंद्र चावला बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान जब अस्थायी तौर पर मंडी को अंबाला रोड पर शिफ्ट किया गया था तब आढ़तियों और किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अब मंडी समिति परिसर में दोबारा से काम शुरू हो गया है। मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी हो रहा है। इसलिए अब मंडी को सभी लोगों के लिए खोल दिया जाए। इससे न सिर्फ किसानों को सब्जी के सही दाम मिलेंगे, बल्कि उपभोक्ताओं को भी उचित दामों पर सब्जियां उपलब्ध होंगी। हालांकि मंडी में भीड़ बढ़ी तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सही तरह से हो पाएगा, इस पर संशय है।
सोशल डिस्टेंसिंग का हो रहा पालन
सब्जी के आढ़ती नाथीराम सैनी कहते हैं कि अस्थायी मंडी में काफी परेशानी थी। अब मंडी में दोबारा काम शुरू होने के बाद कारोबार ने रफ्तार पकड़ रहा है। फल एवं सब्जियों के आवश्यक वस्तुओं में शामिल होने के कारण इस कारोबार पर लॉकडाउन में भी रोक नहीं थी। इसलिए कम ही सही तब भी कारोबार चलता रहा।
साप्ताहिक पैठ लगे तो बढ़े कारोबार
प्याज के थोक व्यापारी विजय कालरा का कहना है कि जब तक जनपद के विभिन्न शहरों और कस्बों में साप्ताहिक पैठ को लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक कारोबार में इजाफा नहीं होगा। अभी मंडी में सिर्फ लोकल फुटकर विक्रेता ही आ रहे हैं। जब तक बाहर के रिटेलर नहीं आएंगे तब तक किसान और आढ़ती दोनों को नुकसान रहेगा। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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फल एवं सब्जी मंडी एक नजर में
आढ़ती 311
पल्लेदार 400
कर्मचारी 350
लॉकडाउन से पहले आवक--- 2000 से 2100 क्विंटल प्रतिदिन
लॉकडाउन के दौरान - 900 से 1000 क्विंटल प्रतिदिन
अनलॉक के बाद से आवक----1700 से 1800 क्विंटल प्रतिदिन
इन राज्यों से आती है आवक--- हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र।
इन राज्यों में होती है सप्लाई--- हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, पंजाब, दिल्ली।
वर्जन
मंडी में कारोबार धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। कारोबारियों ने फुटकर विक्रेताओं के पास की अनिवार्यता समाप्त किए जाने की मांग की है। लेकिन कोरोना संकट के चलते सोशल डिस्टेंसिंग आदि को ध्यान में रखते हुए ही पास की व्यवस्था की गई है। यह जरूर है कि पास के कारण सीमित संख्या में रिटेलर ही मंडी में खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। मंडी के आढ़तियों की मांग पर भी विचार किया जा रहा है।
- नीलिमा गौतम, मंडी सचिव
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