मौलाना हुसैन अहमद मदनी चैरिटेबल ट्रस्ट व हिंद गुरु एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में दिल्ली में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए खोले गए नि:शुल्क मदनी-100 कोचिंग सेंटर का उद्घाटन जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुसलमानों को पिछड़ेपन, हताशा और हीनभावना से बाहर निकालने का एकमात्र रास्ता शिक्षा है।
उद्घाटन कार्यक्रम में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि सेंटर की स्थापना का उद्देश्य बुद्धिमान, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। इसके लिए हाईस्कूल से लेकर इंटरमीडिएट तक उत्तीर्ण छात्रों का चयन परीक्षा द्वारा होगा। बताया कि यह एडमीशन-कम-स्कालरशिप टेस्ट होगा। वर्तमान में उन्हें आईआईटी, जेईई और नीट जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग दी जाएगी।
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मौलाना मदनी ने कहा कि जमीयत धर्म से ऊपर उठकर मानवता के आधार पर काम करती है। इसलिए जो सेंटर स्थापित किया जा रहा है इसमें भी इस परंपरा का ध्यान रखते हुए ऐसे गैर मुस्लिम बच्चों को भी नि:शुल्क कोचिंग दी जाएगी जो आर्थिक रूप से कमजोर हों, लेकिन प्रतिभाशाली हैं।
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सिविल सर्विसेज के लिए भी कोचिंग सेंटर खोलेगी जमीयत
जमीयत अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि अगर यह पहल सफल होती है तो आगे चलकर सिविल सर्विसेज के लिए कोचिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। बता दें कि जमीयत वर्ष 2012 से मेरिट के आधार पर चयनित होने वाले गरीब छात्रों को छात्रवृत्ति दे रही है। इस वर्ष 656 छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई है, जिनमें हिंदू छात्र भी शामिल हैं। अहम बात यह है कि इस वर्ष से छात्रवृत्ति की राशि भी 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी गई है।