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Lok Sabha Election 2024: सहारनपुर में पहली बार के वोटर बोले- शिक्षा के मुद्दे पर देंगे वोट, मिले रोजगार

Thu, 28 Mar 2024 12:55 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' आज सहारनपुर पहुंचा है। यहां सुबह चाय पर चर्चा करते हुए मतदाताओं ने अपने विचार रखे। दोपहर को जिले के जेवी जैन डिग्री कॉलेज में युवाओं से चुनावी चर्चा की गई।
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सत्ता का संग्राम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर लोकसभा सीट पर चुनाव को लेकर माहौल गरमाने लगा है। यहां 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां से बहुजन समाज पार्टी जीती थी। इस बार यहां मुकाबला भाजपा के राघव लखनपाल शर्मा और कांग्रेस-समाजवादी पार्टी के संयुक्त प्रत्याशी इमरान मसूद के बीच माना जा रहा है। वहीं बसपा ने माजिद अली को यहां से मैदान में उतारा है।

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सहारनपुर के मतदाता और खासकर युवा सरकार और अपने लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवारों के बारे में क्या सोचते हैं, उनके क्या मुद्दे और आकांक्षाएं हैं, मतदाताओं के मुद्दों पर नेताओं और उम्मीदवारों का क्या कहना है, वे किन मुद्दों को लेकर चुनाव में उतरे हैं? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ ''सत्ता का संग्राम'' आज दिन भर सहारनपुर में है। आज सुबह जहां चाय पर चर्चा की गई जबकि दोपहर को जेवी जैन डिग्री कॉलेज में युवाओं से चर्चा की गई।

क्या है खास?
''सत्ता का संग्राम'' के तहत अमर उजाला हर वर्ग के मतदाताओं तक पहुंचेगा। इसके जरिये आप अपने क्षेत्र, शहर, राज्य और देश से जुड़े मुद्दों को उठा पाएंगे। अमर उजाला आपको एक मंच दे रहा है। यहां आप अपनी बात रख सकेंगे ताकि जब राजनीतिक हस्तियां चुनावी रैलियां करने आएं तो उन्हें आपसे जुड़े जमीनी मुद्दें भी याद रहें।

इस विशेष कवरेज को आप यहां देख सकेंगे
www.amarujala.com, अमर उजाला के यूट्यूब चैनल और फेसबुक चैनल पर आप ''सत्ता का संग्राम'' से जुड़े कार्यक्रम और चर्चा लाइव देख सकते हैं। ''सता का संग्राम'' से जुड़ा व्यापक जमीनी कवरेज आप अमर उजाला अखबार में भी पढ़ सकेंगे।

चुनावी चर्चा के दौरान पहली बार वोट देने जा रहे सभी युवा मतदाताओं ने खुलकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियां रुकें। तमाम प्रकार की जो भर्तियां हैं वे समय पर हों ताकि युवाओं को भविष्य सुनहरा हो सके। ऐसे अवसर प्रदान किए जाएं जिससे युवा केवल सरकारी नौकरी के भरोसे न रहे। 

युवाओं ने स्थाई रोजगार की मांग करने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही। उनका कहना था कि बार-बार पेपर लीक होने से और दोबारा परीक्षाएं कराने से युवाओं का समय बर्बाद हो रहा है। 

व्यवस्था से उठ चुका भरोसा:प्रदीप कुमार
एनसीसी कैडेट प्रदीप कुमार का कहना था कि बार-बार पेपर लीक होने से युवा परेशान हैं। ज्यादातर युवाओं का व्यवस्थापकों से भरोसा उठ चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि  विकास शहरों और कमन तक तो है लेकिन ग्रामीण स्तर पर अभी बदहाली कायम है। उनकी मांग है कि विकास आखिरी पायदान तक पहुंचे। 

अंकित सैनी ने कहा कि वह पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी में है, इस बार पेपर दिया था लेकिन पेपर लीक होने के कारण उनको मायूसी हाथ लगी है। सरकार ने अब अगले छह महीने में दोबारा परीक्षा कराने के बाद कही है ।
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बबीता का कहना है कि नशा समाज के लिए घातक साबित हो रहा है। नशे के कारण परिवारों में गृह क्लेश, जिससे परिवार बर्बाद हो रहे हैं। वह ऐसी सरकार चाहती हैं जो नशे से संबंधित उत्पादों पर रोक लगाए। साक्षी का कहना था कि स्थान स्तर पर रोजगार देने के लिए उद्योग स्थापित किए जाएं। 

हर्षित का कहना है कि वैसा नेता चुनना चाहते हैं जो जीत के बाद आम आदमी के संपर्क में रहे। शिखा का कहना था कि सरकार से हर तरह की उम्मीद करना सही नहीं है। लेकिन कुछ ऐसे प्रयास होने चाहिए कि युवा नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने वाले बनें। 

शिक्षा के मुद्दे पर देंगे वोट
पहली बार मतदान करने जा रहे ईशू सैनी ने कहा कि सरकार हमारी शिक्षा के लिए क्या कर रही है? मैं इस मुद्दे को लेकर वोट दूंगा। हमारे क्षेत्र में बसें नहीं हैं, कई सुविधाएं नहीं हैं। एक अन्य युवा ने कहा कि ऐसे नेता को वोट देंगे जो हमारी बात को सुनें, जो व्यवहार में अच्छे हों। 

अरुण कुमार ने कहा कि मौजूदा सरकारी तानाशाह हो रही है। इलेक्टरल बॉन्ड जैसे घोटाले हो रहे हैं लेकिन कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। आशु का कहना था कि सरकार इस तरह की व्यवस्था लेकर आए जिससे पेपर लीक होने की घटनाएं बंद हों। मितांशु का कहना था कि सरकार है चुनाव के दौरान ही तमाम वैकेंसी निकलती हैं और लालच देकर वोट हथियाना चाहती है। ऐसा नहीं होना चाहिए। हर वर्ष वैकेंसी निकालनी चाहिए। 
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