सहारनपुर। करीब 13 साल के इंतजार के बाद अल्पसंख्यक विभाग की ओर से टर्म लोन योजना तो संचालित कर दी गई है। मगर जिले में इसके आवेदक ही कम पहुंच रहे हैं। इसके चलते विभाग को आवेदन के लिए तिथि बढ़ानी पड़ी है। आवेदकों के कम होने का एक बड़ा कारण पिछले दिनों की गई लेखपालों की हड़ताल भी रही। इसके चलते आय प्रमाणपत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार न होने के कारण आवेदन अटके रहे।
इस योजना के तहत जिले के लिए 75 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। जरूरतमंद लोगों को विभिन्न व्यवसाय के लिए 50 हजार से एक लाख तक के ऋण की व्यवस्था की तैयारी की गई है। विभाग की ओर से पूर्व में 24 दिसंबर तक का समय आवेदन के लिए रखा गया था। मगर जब आवेदक ही कम पहुंचे तो इसकी तिथि को बढ़ाकर अब 15 जनवरी करना पड़ा है। अब भी आवेदक कम ही हैं।
लेखपालों की हड़ताल न होती तो शायद बढ़ते आवेदक
- अल्पसंख्यक विभाग के अफसरों की माने तो लेखपालों की हड़ताल का योजना पर सबसे अधिक असर पड़ा है। दरअसल, योजना में शामिल होने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की श्रेणी में आय प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की जरूरत पड़ी है। इसके साथ ही शैक्षिक, व्यावसायिक आधार सहित अन्य दस्तावेजों की जरूरत होती है। ऐसी अड़चनों के कारण आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हुई।
अभी प्रक्रिया में लगेगा और भी समय
- जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शरद कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि योजना पर तो काम शुरू हो गया है। मगर आवेदक उम्मीद से कम हैं। इसलिए तिथि बढ़ाई गई है। पर्याप्त आवेदनों के बाद उनके दस्तावेजों का सत्यापन और साक्षात्कार कराया जाएगा। इसके आधार पर ही पात्र अभ्यर्थियों को ऋण आवंटित किया जाएगा। मगर मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इस प्रक्रिया में अभी और समय लगेगा।