सहारनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-3 की अदालत ने पति की हत्या की दोषी पत्नी संयोगिता और उसके दो सहयोगी सेठपाल और काला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जमीन के विवाद को लेकर हत्याकांड को अंजाम दिया गया था।
ये था मामला
वादी नरेंद्र सिंह ने थाना रामपुर मनिहारान में तहरीर दी थी। बताया कि वह पांच भाई हैं। उनके भाई रवि कुमार और उनके लड़के विशाल के नाम 18-18 बीघा और उनकी पत्नी संयोगिता के नाम पर आठ बीघा जमीन पिताजी ने वसीयत की थी। संयोगिता ने अपनी चार बीघे जमीन पहले ही बेच दी थी। रवि अपनी पत्नी संयोगिता को जमीन बेचने से मना करता था। आरोप लगाया की रवि की पत्नी संयोगिता अपने मायके पक्ष के लोगों को बुलाकर उसके साथ मारपीट भी करती थी।
इस तरह हुई थी वारदात
28 दिसंबर 2015 की रात रवि के घर से शोर की आवाज सुनाई दी। रात करीब साढ़े दस बजे परिजनों की आवाज आई, जिसमें उन्होंने सुना कि रवि को उसकी पत्नी संयोगिता व अन्य कई कह रहे थे कि आज तेरा काम कर देते हैं। कुछ देर बाद पता चला कि सभी रवि को पकड़कर जंगल की तरफ लेकर गए हैं। पूछने पर बताया था कि रवि की तबीयत खराब है। इसके बाद रवि का शव श्रीचंद के खेत के किनारे बने बोरिंग के कुएं में पड़ा मिला था, उसके गले में रस्सी बंधी थी और शव भी जली अवस्था में था। इस पूरे प्रकरण में जांच के दौरान सेठपाल के साथ संयोगिता के संबंध सामने आए थे। इसके बाद पुलिस ने घाटमपुर निवासी सेठपाल और काला को भी आरोपी बनाया।
मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या तीन में जारी थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने मामले को गंभीर एवं जघन्य प्रकृति का बताया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अपनी दलील में कहा कि गवाह मृतक के सगे संबंधी हैं। ऐसे में उनकी गवाही न मानी जाए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 1.20 लाख का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना जमा न करने पर दोषियों को छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।