सहारनपुर। हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों को अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या- 3 ललित नारायण झा ने आजीवन कारावास व प्रत्येक को 13 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली देहात की शंकरपुरी कॉलोनी निवासी नरेश बंसल 20 फरवरी 2014 को स्वतंत्र नगरी निवासी अपने दोस्त आशु व अंशुल के यहां जाने की बात कहकर घर से निकला था, किंतु वापस नहीं लौटा। घटना की रिपोर्ट नरेश के पिता शांति स्वरूप बंसल ने कोतवाली देहात में दर्ज कराई थी। आरोप लगाया कि उसके बेटे नरेश बंसल का अपहरण आशु और अंशुल ने किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की तो मामला प्रकाश में आया कि नरेश बंसल की हत्या पैसों के लेनदेन के कारण की गई है तथा उसका शव कुतुबशेर थाने के अंतर्गत अंशुल के फार्म हाउस से बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों सगे भाई आशु और अंशुल तथा कस्बा झबरेड़ा जिला हरिद्वार निवासी जय किशन के खिलाफ अपहरण, हत्या, साक्ष्य मिटाने की धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह ने बताया कि न्यायालय ने सुनवाई के उपरांत साक्षी और गवाहों के आधार पर दोषी पाते हुए दोनों सगे भाई आशु, अंशुल व जय किशन को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 13 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। जय किशन को आर्म्स एक्ट में दो साल व दो हजार अर्थदंड की अतिरिक्त सजा भी सुनाई है।