फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गन्ना बुवाई में धन की कमी बनी बाधा

विज्ञापन
कुलदीप चौधरी - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
सरसावा (सहारनपुर)। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इसके चलते बुआई भी प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन

चीनी मिलों द्वारा गन्ने का भुगतान नहीं किए जाने के कारण किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। दरअसल गन्ना उत्पादक किसान चीनी मिलों को गन्ने की सप्लाई करने के बाद खाली हुए खेतों में पुन: गन्ने की फसल की बुवाई कर रहे हैं। इसके चलते उन्हें खाद, बीज और खेत की जुताई आदि के लिए धन की आवश्यकता है। भुगतान नहीं होने के कारण गन्ने की बुवाई पिछड़ने की प्रबल संभावना है। सरसावा स्थित किसान सहकारी चीनी मिल वर्तमान पेराई सत्र आधे से भी अधिक पूरा कर चुकी है, बावजूद इसके चीनी मिल ने अभी तक मात्र 19 दिसंबर तक का ही भुगतान किया है। चीनी मिल का पेराई सत्र 27 अक्तूबर में शुरू हो गया था। ऐसे में गन्ना उत्पादक किसान गन्ने की अगली फसल की बुवाई के लिए चीनी मिल भुगतान की आस लगाए हुए है, परंतु उन्हें फिलहाल कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
फसल बुवाई में धन की कमी आडे़ आ रही
ग्राम गोविंदपुर के गन्ना किसान संजीव सैनी ने बताया कि वे अपना सारा गन्ना सहकारी चीनी मिल को सप्लाई कर चुके हैं जिससे उनके खेत खाली हो गए हैं।वे गन्ने की अगली फसल की बुवाई का की तैयारी कर रहे हैं परंतु धन की कमी आड़े आ रही है।
विज्ञापन

गन्ना बुवाई के लिए धन की जरूरत
ग्राम सलूनी के किसान कुलदीप चौधरी ने कहा कि होली के आसपास का समय गन्ना बुवाई के लिए सबसे मुफीद होता है। इस समय बोया गया गन्ना सबसे अधिक रसदार होता है जिसकी रिकवरी भी अधिक होती है, लेकिन गन्ना बुवाई के लिए धन की आवश्यकता है जो चीनी मिलें दबाए बैठी हैं। बताया कि जैसे ही वे गन्ना सोसाइटी से जोतबही पर खाद-बीज उठाते हैं, उन पर ब्याज लगना शुरू हो जाता है।
मिले कर रही किसानों का शोषण
ग्राम शकरुल्लापुर के किसान ओमपाल सिंह ने कहा कि चीनी मिलें गन्ना उत्पादक किसानों का लगातार शोषण कर रही हैं, वहीं सरकार भी किसानों के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए है। जब गन्ना सोसायटी उनसे कृषि उपकरणों, खाद, बीज आदि पर ब्याज वसूलती है तो उन्हें भी गन्ना के बकाए बकाया भुगतान की देरी पर ब्याज मिलना चाहिए।
विज्ञापन

किसान सहकारी चीनी मिल सरसावा के प्रधान प्रबंधक वीपी पांडेय ने बताया कि मिल द्वारा 19 दिसंबर तक का भुगतान कर दिया गया है। मार्च के पहले सप्ताह में और अधिक भुगतान करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

संजीव सैनी- फोटो : SAHARANPUR

ओमपाल सिंह- फोटो : SAHARANPUR

खाली खेत में गन्ना बुवाई की तैयारी करते किसान- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें