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जुगाड़ वाहनों पर नहीं लगाम, दौड़ रहे खुलेआम

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माली गेट चौकी के पास जुगाड़ के वाहन में ट्रांसपोर्ट नगर से होजरी का सामान लाता चालक - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। पुलिस प्रशासन से लेकर यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से सड़क पर सुरक्षा के तमाम दावों के बावजूद जुगाड़ वाहन बेखौफ और पूरी रफ्तार से दौड़ रहे हैं। न कोई रजिस्ट्रेशन, न कोई ड्राइविंग लाइसेंस, न ही फिटनेस श्रेणी का इंजन और न ही अधिकृत कंपनी से कोई मान्यता है। इन सबके बावजूद स्कूटर, बाइक, मोपेड सहित अन्य वाहनों के अनफिट घोषित हो चुके इंजनों को फिट कर न केवल वाहन दौड़ाए जा रहे हैं बल्कि वे 20 से 30 फीसदी सामान का ट्रांसपोर्टेशन भी कर रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को शहर और आसपास के क्षेत्रों में जुगाड़ वाहनों की हालत देखने की कोशिश की तो चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। स्कूटर, बाइक, मोपेड से मॉडीफाई कर बनाए गए जुगाड़ वाहनों में किसी मालवाहन गाड़ी से कम सामान नहीं मिला। ये वाहन थानों के सामने से ही गुजरते हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं करती है।
अरे...जुगाड़ के वाहन में इतना सामान
- शहर में कई जगहों पर हालात देखने पर बृहस्पतिवार दोपहर एक से तीन बजे के बीच मालीगेट चौकी के पास बाइक के इंजन से बने रेहड़े पर छोटे वाहन जितना हौजरी का सामान मिला।
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- कोर्ट रोड पर बाइक के इंजन वाले एक रेहडे पर सिलिंडर ले जाए जा रहे थे, जबकि एक अन्य रेहड़े पर गारमेंट्स के गट्ठर नजर आए।
- थाना कुतुबशेर के पास ही वुडकार्विंग बाजार, रांघड़ों का पुल, पुल कंबोहान सहित अन्य जगहों पर जुगाड़ के वाहनों में लोहे की बड़ी प्लेटें, चादरें और सरिये लदे दिखे।
- गुघाल मेला रोड पर भी मैजिक वाहनों की तरह जुगाड़ के रेहड़े पर ओवरलोड हालात में परचून की सामग्री सहित अन्य सामान नजर आया।
इन जगहों पर सबसे ज्यादा चलते मिले जुुगाड़ वाहन
- शहर के अंबाला रोड, कोर्ट रोड, देहरादून रोड, टीपी नगर, मंडी समिति रोड, नेहरू मार्केट, शहीद गंज, चौक फव्वारा, दाल मंडी पुल, मटिया महल, भगत सिंह मार्केट, मोरगंज बाजार, रायवाला मार्केट सहित अन्य बाजारों और प्रमुख मार्गों पर जुगाड़ वाहनों का संचालन सबसे अधिक होता है।
ढोली खाल से लेकर अन्य क्षेत्रों के मैकेनिक बनाते हैं ऐसे वाहन
- जुगाड़ चालक दिलशाद और राशिद ने बताया कि शहर के ढोली खाल के अलावा खाताखेड़ी, मंडी समिति रोड और दिल्ली रोड पर कुछ मैकेनिक ऐसे जुगाड़ वाहन तैयार करके देते हैं। ये वाहन 15 से 25 हजार रुपये तक आसानी से तैयार हो जाते हैं।
ई-रिक्शा का सर्वे हुआ, जुगाड़ वाहनों का सत्यापन तक नहीं
- थानों से लेकर परिवहन विभाग या यातायात पुलिस की ओर से अब तक जुगाड़ वाहनों का सत्यापन तक नहीं कराया गया है। पिछले दो साल में ई-रिक्शों का तो सर्वे हुआ और रूट निर्धारण तक कर लिया गया। मगर जुगाड़ वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
- ओवरलोडिंग में ही हुए चालान, सीज की कार्रवाई कम
- परिवहन विभाग और यातायात पुलिस से संपर्क करने पर पता चला कि पिछले एक साल में ओवरलोडिंग के मामले में तो 100 से अधिक जुगाड़ वाहनों पर कार्रवाई की गई है। मगर ऐसे वाहनों को सीज करने के मामले गिनती के ही हैं और उसका ही रिकार्ड नहीं है।
जुगाड़ वाहनों को चिह्नित कर कराएंगे कार्रवाई
- जुगाड़ वाहनों के रजिस्ट्रेशन का तो कोई प्रावधान नहीं है। चेकिंग के दौरान ऐसे वाहन सीज किए जाते रहे हैं, लेकिन ई-रिक्शा संचालकों के लिए दिशा निर्देश तय करने के बाद अब ऐसे जुगाड़ वाहनों को चिह्नित कर कार्रवाई कराई जाएगी। ऐसे वाहनों का बाकी नियमों में तो कोई चालान नहीं होता है। अमान्य होने के कारण उन्हें सीज किया जाएगा।
-- प्रेम चंद, एसपी ट्रैफिक, सहारनपुर।

कोर्ट रोड पर जुगाड़ के वाहन में रसोई गैस सिलिंडर- फोटो : SAHARANPUR

कुतूबशेर थाना क्षेत्र में जुगाड़ के वाहन में लोहे की चादर लेकर जाता चालक- फोटो : SAHARANPUR

मेला गुघाल रोड़ जुगाड़ के वाहन में लोहे के सरीये लेजाता चालक- फोटो : SAHARANPUR

अंबाला रोड पर जुगाड़ के वाहन में सामान लेजाता चालक- फोटो : SAHARANPUR

देहरादून रोड पर जुगाड़ के वाहन में लोहे के गाटर लेजाता चालक- फोटो : SAHARANPUR

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