कई मामलों की सीबीआई और ईडी भी कर रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। पूर्व एमएलसी और खनन माफिया हाजी इकबाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। 21 करोड़ की बेनामी संपत्ति पुलिस-प्रशासन ने कुर्क की है। वहीं, हाजी इकबाल और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की अटकलें तेज हो गई है।
हाजी इकबाल के अवैैध खनन से जुड़े कई मामलों की जांच सीबीआई और ईडी भी कर रही है। बीते सात वर्षों में हाजी इकबाल पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। हाजी इकबाल के पुत्र भी गैंगस्टर में निरुद्ध हैं। हाजी इकबाल का भाई व पूर्व एलएलसी महमूद भी कई आरोपों से घिरा है। आरोप है कि अवैध खनन के कार्य को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है। वहीं, पुलिस सूत्रों की मानें तो कभी भी खनन माफिया हाजी इकबाल और उसके अन्य साथियों की गिरफ्तारी हो सकती है। इसको लेकर पुलिस लगभग तैयारी कर चुका है।
ठिकानों को भी चिह्नित कर चुकी पुलिस
हाजी इकबाल के ठिकानों को भी पुलिस चिह्नित कर चुकी है। सूत्र बताते हैं सहारनपुर के अलावा अन्य जनपदों में भी हाजी इकबाल की संपत्ति और ठिकाने है। दिल्ली और नोएडा में भी मकान है।
इन गांवों में अर्जित की गई संपत्ति की जब्त
पुलिस व प्रशासनिक जांच में हाजी इकबाल द्वारा अवैध रूप से तहसील बेहट क्षेत्र के नानौली, रोशनपुर पेलो, शफीपुर, मायापुर रूपपुर, शाहपुर गाड़ा, मिर्जापुर पोल, फैजाबाद, शेरपुर पेलो, फतेहपुर, अली अकबरपुर, रसूलपुर उर्फ रसूली, मुर्तजापुर आदि गांवों में अवैध खनन, लकड़ी तस्करी व लोगों को डरा धमकाकर संपत्ति अर्जित की है। यह सभी संपत्तियां राजस्व अभिलेखों में कुछ फर्म के नाम पर व कुछ संपत्ति व्यक्तिगत रूप से नसीम अहमद व उसके पुत्र नदीम के नाम पर दर्ज पाई गई हैं।
यह टीम रही मौजूद, आज लगाएंगे बोर्ड
खनन माफिया हाजी इकबाल की 21 करोड़ की 50 बेनामी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई के लिए एसपी देहात सूरज राय, तहसीलदार प्रकाश सिंह, सीओ चित्रांशु गौतम फोर्स के साथ मिर्जापुर थाने पहुंचे। यहां राजस्व विभाग ने भूमि को कब्जे में लेने के लिए बोर्ड आदि सभी तैयारियां कर रखी है। तहसीलदार ने बताया कि लगभग कार्रवाई कर दी गई है। सोमवार की सुबह जब्त की गई संपत्ति पर सरकारी बोर्ड लगाए जाएंगे।