कृषि विज्ञानिक को रोग ग्रस्त मशरूम दिखाता किसान
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सहारनपुर। बढ़ती ठंड से मशरूम की खेती प्रभावित हो रही है। मशरूम के कालेपन के धब्बे जैसी समस्या सामने आ रही है। इस समस्या को लेकर कई मशरूम उत्पादक कृषि विज्ञान केंद्र में आ रहे हैं।
वर्तमान समय में जिले के 53 गांवों में 156 ग्रामीण युवा मशरूम की खेती कर रहे हैं। ठंड के कारण मशरूम काला पन आने जैसे समस्याएं बढ़ी हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. आईके कुशवाहा ने बताया कि तापमान में गिरावट के बाद कई किसान मशरूम में कालापन की समस्याओं को लेकर उनके पास आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि छुटमलपुर के विक्रम, चंदेना कोली के नदीम, रसूलपुर के राहुल, फतेहपुर के जगदीश आदि मशरूम में कालापन की समस्या को लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि इसके समाधान के लिए मशरूम बैगों में नमी अधिक नहीं रहने दी जानी चाहिए। रोग ग्रस्त खुम्बी को निकालकर उसमें क्लोरीन पानी ब्लीचिंग पाउडर की 0.05 प्रतिशत का छिड़काव करना चाहिए। इससे मशरूम में कालापन की समस्या पर अंकुश लगेगा।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी ने बताया कि बटन मशरूम उत्पादन के लिए अनुकूल तापमान 14 से 18 डिग्री सेल्सियस है। इसके लिए दिन में झोपड़ी को मात्र एक से दो घंटे धूप के समय खोलकर रखा जाना चाहिए। जिससे ताजी हवा भी उसमें आ सके। लेकिन दरवाजों पर जाली अवश्य लगी होनी चाहिए। केसिन में मशरूम अवशेष को नहीं छोड़ा जाना चाहिए। इसको समय समय पर हटाते रहना चाहिए। जबकि ढिंगरी मशरूम के लिए अनुकूल तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस रहता है।