सहारनपुर। कोविड महामारी एक ओर जहां जनपद में आफत बन कर आई। वहीं इससे निपटने के लिए सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ी हैं। दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत से सबक लेते हुए सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट लगाए गए। अब ऑक्सीजन की कमी नहीं है। 14 प्लांट स्थापित किए गए हैं, जो एक दिन में 89,25,000 लीटर ऑक्सीजन तैयार करने की क्षमता रखते हैं।
कोरोना की दूसरी लहर तक जनपद के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन व्यवस्था पुराने ढर्रे पर चल रही थी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों को ऑक्सीजन देने के लिए पाइपलाइन बिछी थी, जिसमें प्रत्येक बेड तक ऑक्सीजन पहुंच रही थी, लेकिन ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट करीब चार साल से खराब था। ऐसे में सिलिंडरों से काम लिया जा रहा था। एसबीडी जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में भी सिलिंडरों से ही ऑक्सीजन की पूर्ति की जा रही थी। दूसरी लहर से सबक लेते हुए जनपद के सरकारी अस्पतालों में 14 नए ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट स्थापित किए गए हैं, जबकि राजकीय मेडिकल कॉलेज में चार साल से खराब पड़ा प्लांट भी चालू कराया गया है। इतना ही नहीं जिला अस्पताल परिसर में बने टीबी सैनिटोरियम में भी पाइपलाइन बिछाई गई है।
150 बेड के दो पीआईसीयू तैयार किए
कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों के अधिक प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर जनपद में पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) तैयार की गई है। पीआईसीयू की क्षमता 150 बेड है। इनमें 100 बेड का पीआईसीयू शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज और 50 बेड का पीआईसीयू जिला महिला अस्पताल में बनाया गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी में तीसरी मंजिल पर 100 बेड का वार्ड तैयार किया गया है। इसमें 25 बेड पीआईसीयू और 25 वार्ड एचडीयू (हाई डिपेंडेंस यूनिट) के तैयार किए गए हैं। 50 बेड का जनरल वार्ड बनाया गया है, जबकि जिला महिला अस्पताल में 50 बेड का पीआईसीयू तैयार किया गया है। यह महिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में दूसरी और तीसरी मंजिल पर बनाया गया है। प्रत्येक मंजिल पर 25 बेड की व्यवस्था है। मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू में करीब 40 वेंटिलेटर तथा जिला महिला अस्पताल के पीआईसीयू में 10 वेंटिलेटर की व्यवस्था है।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद जनपद के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं। एक ओर जहां ऑक्सीजन की किल्लत पूरी तरह खत्म हो गई है वहीं बच्चों के बेहतर इलाज के लिए पीआईसीयू बनाए गए हैं, जिनमें 50 वेंटीलेटर की भी सुविधा है।
डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ।