फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए बढ़ाई जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। कोरोना की तीसरी लहर खासकर ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने कोरोना की जांच तेज कर दी है। नगर में संचालित तीन जांच केंद्रों पर भी बीते कुछ दिन से जांच कराने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। आलम यह है कि जांच केंद्रों के बाहर कतारें लग रही हैं। प्रतिदिन करीब 5,000 लोगों की जांच हो रही है।
विज्ञापन

कोरोना की दूसरी लहर खत्म होने के बाद जांच कराने वालों की संख्या न के बराबर रह गई थी। नगर के जांच केंद्रों पर सन्नाटा था। अब विदेशों में ओमिक्रॉन के मामले सामने आने तथा जनपद में भी दो मामले सामान्य कोरोना के निकलने के बाद शासन और प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने सप्ताह भर पहले बैठक कर विदेश के साथ ही पड़ोसी राज्यों से आने वालों की भी अनिवार्य रूप से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। नतीजा यह रहा है कि चिकित्सा विभाग ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। नगर के जांच शिविरों पर जांच कराने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है। सुबह से ही कतारें लगाना शुरू हो जाती हैं। स्थायी जांच शिविरों के साथ ही टीमें भी गठित की गई हैं, जो गांव-गांव और संस्थानों में जाकर लोगों की कोरोना जांच कर रही हैं। यह अच्छी बात है कि दस दिन पहले दो मामले सामने आने के बाद कोई नया मरीज नहीं मिला है।
यह है जांच की व्यवस्था
शहर में तीन जगह स्थायी जांच शिविर बनाए गए हैं। यह शिविर आईएमए भवन, एसबीडी जिला अस्पताल परिसर और रेडक्रॉस सोसायटी में चल रहे हैं। नगर में ऐसी टीमें भी बनाई गई हैं, जो जगह-जगह जाकर जांच कर रही हैं। इनके अलावा प्रत्येक ब्लॉक में जांच के लिए दो-दो टीमें बनाई गई हैं, जो सीएचसी और पीएचसी के साथ ही गांवों में जाकर भी जांच कर रही हैं। प्रतिदिन तीन हजार से अधिक लोगों की जांच की जा रही है।
विज्ञापन

टारगेट सैंपलिंग भी शुरू
शासन के आदेश पर चिकित्सा विभाग टारगेट सैंपलिंग भी करा रहा है। इसके तहत अलग-अलग संस्थानों जैसे शैक्षिक, चिकित्सकीय एवं निजी क्षेत्र व सरकारी क्षेत्र में अलग-अलग टीमें जाकर लोगों की कोरोना जांच कर रही हैं। अभी तक करीब 1500 लोगों की जांच की जा चुकी है। सभी की रिपोर्ट नेगेटिव रही है।
कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए चिकित्सा विभाग की ओर से कड़े प्रबंध किए गए हैं। लोगों को जागरूक करने के साथ ही कोरोना जांच भी बढ़ाई गई हैं। स्थायी जांच शिविरों के साथ ही टीमें गांव-गांव और संस्थानों में जाकर जांच कर रही हैं।
विज्ञापन

शिवांका गौड़, नोडल अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें