सहारनपुर आज पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। योग के फायदों को देखते हुए लोग तेजी से योग के साथ जुड़ रहे हैं। खास बात यह है कि योग के क्षेत्र में सहारनपुर की अलग पहचान रही है।
यहां के योगी दुनिया के करीब 70 देशों में योग का प्रचार-प्रसार कर चुके हैं। इतना ही नहीं सहारनपुर के नाम से एक दर्जन से अधिक देशों में योगशालाएं चल रही हैं। सहारनपुरवासियों की ही सोच पर देश में 25 साल तक अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव मनाया गया।
आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। योग का जन्म भारत में हुआ है। वर्ष 1990 से पहले भारत के योगी विदेशों में जाकर अंग्रेजों को योग सिखाते थे।
योग में विश्व गुरु होने के बावजूद यहां के योग गुरुओं का विदेश में जाकर सेवा देना सहारनपुरवासी योग गुरु पद्मश्री भारत भूषण को ठीक नहीं लगा। ऐसे में उन्होंने 1990 में प्रदेश सरकार के सामने अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव मनाने का प्रस्ताव रखा।
इसका मकसद विदेशियों को योग सीखने के लिए भारत की ओर खींचना था। सरकार ने इस बात पर सहमति जताई। इसके बाद प्रदेश के पर्यटन विभाग ने केंद्रीय पर्यटन विभाग के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव की शुरूआत की, जो 25 साल तक लगातार चला।
इसमें बड़ी संख्या में विदेशी लोग भारत आना शुरू हुए। योग महोत्सव के जरिए विदेशी भारत में आकर योग सीखने लगे। इसके बाद उन्होंने अपने देशों में जाकर योगशालाएं और संस्थाएं खोली, जिससे योग को विदेशों में बढ़ावा मिला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की विधिवत शुरूआत की। जिस कारण योग अब विश्वपटल पर है।
माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की परिकल्पना योग महोत्सव पर आधारित है। योग में पहला पद्मश्री पाने वाले योग गुरु भारत भूषण अब तक 68 देशों में योग शिविर आयोजित कर चुके हैं। बेटी प्रतिष्ठा शर्मा भी अभी तक तीन दर्जन से अधिक देशों में योग शिविर कर चुकी है, जो वर्तमान में भी जारी है।