सहारनपुर। शनिवार रात आठ बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक साप्ताहिक कर्फ्यू को लेकर व्यापारी संगठनों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। व्यापारी नेताओं का कहना है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए वे हरसंभव सहयोग देने को तैयार हैं, लेकिन इसे लंबा नहीं खिंचना चाहिए। इसके लंबा खिंचने से व्यापारियों पर विपरीत असर पडे़गा।
कोराना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदमों का व्यापारी समाज समर्थन करेगा। शनिवार रात से सोमवार तक ही बंदी रहेगी, लेकिन मंगलवार को बाजार खुलने की संभावना है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए सभी के लिए एहतियात बरतना जरूरी है।-- दिनेश सेठी, सदस्य उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड।
यदि रविवार को बंदी रहती है तो मंगलवार को बाजार खुलना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर कारोबार पर विपरीत असर पड़ना तय है। कारोबार पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है।--गौतम शंकर सिंघल, अध्यक्ष, कोर्ट रोड सराफा व्यापारी एसोसिएशन।
व्यापारी सरकार के निर्णय के साथ हैं। क्योंकि जीवन भी उतना ही जरूरी है जितना व्यापार। बंदी के समय का उपयोग सैनिटाइजेशन के लिए किया जाना चाहिए। शासन प्रशासन को कोविड गाइड लाइन का पालन सख्ती कराना चाहिए।-- रोहित घई, महानगर अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल (कंछल)।
रविवार को बाजार में देहात से बड़ी संख्या में ग्राहक शहर में आते हैं। इस दिन बंदी रखने से व्यापार पर बेहद बुरा असर पडे़गा। व्यापारी अब बंदी को बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं है। पहले लगे लॉकडाउन ने कारोबारियों की आर्थिक हालत खराब कर रखी है। इसे लंबा नहीं खींचना चाहिए। -- रवि जुनेजा, वरिष्ठ व्यापारी नेता।
व्यापारी दिनेश सेठी- फोटो : SAHARANPUR
सर्राफ गौतम शंकर सिंघल- फोटो : SAHARANPUR
व्यापारी रोहित घई- फोटो : SAHARANPUR